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The Haryana Story | रेवाड़ी में भाजपा की गुटबाजी उजागर: वन मंत्री राव नरबीर के कार्यक्रम से संगठन और तीनों विधायकों ने बनाई दूरी

रेवाड़ी में भाजपा की गुटबाजी उजागर: वन मंत्री राव नरबीर के कार्यक्रम से संगठन और तीनों विधायकों ने बनाई दूरी

इस बेहद महत्वपूर्ण और बड़े कार्यक्रम से भाजपा संगठन और जिले के सभी पार्टी विधायकों ने पूरी तरह दूरी बनाए रखी

हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव बूढ़पुर में आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। सूबे के वन, पर्यावरण एवं उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह यहाँ अहीरवाल के पहले विधायक स्वर्गीय राव मोहर सिंह के नाम पर बनने वाले प्रदेश के दूसरे बड़े बायोडायवर्सिटी पार्क (जैव विविधता पार्क) का शिलान्यास करने पहुंचे थे। लेकिन इस बेहद महत्वपूर्ण और बड़े कार्यक्रम से भाजपा संगठन और जिले के सभी पार्टी विधायकों ने पूरी तरह दूरी बनाए रखी।

तीनों भाजपा विधायकों ने भी इस कार्यक्रम से पूरी तरह किनारा कर लिया

पार्क के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मंच और पंडाल में न तो भाजपा जिला अध्यक्ष नजर आए और न ही संगठन का कोई अन्य बड़ा पदाधिकारी दिखाई दिया। हद तो तब हो गई जब जिले के तीनों भाजपा विधायकों ने भी इस कार्यक्रम से पूरी तरह किनारा कर लिया। सरकारी आयोजन में संगठन और स्थानीय जनप्रनिधियों की इस सामूहिक गैर-मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और इसे पार्टी के भीतर चल रही वर्चस्व की जंग से जोड़कर देखा जा रहा है।

विधायकों व संगठन की गैर-मौजूदगी पर मंत्री का तंज- 'यह उनकी सोच है'

जब मीडियाकर्मियों ने वन मंत्री राव नरबीर सिंह से भाजपा जिला अध्यक्ष, संगठन के पदाधिकारियों और तीनों विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर सीधा सवाल किया, तो मंत्री ने बेहद सधे हुए लेकिन तीखे अंदाज में जवाब दिया। राव नरबीर सिंह ने दोटूक कहा, "यह उनकी सोच है।" उन्होंने साफ संकेत दिया कि कार्यक्रम का निमंत्रण सभी को था, लेकिन इसके बावजूद न आना उनकी अपनी मानसिकता और राजनीतिक समझ को दर्शाता है।

राव इंद्रजीत सिंह के 'भेदभाव' वाले आरोपों पर राव नरबीर का करारा पलटवार

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा हाल ही में सरकार और संगठन में जीटी बेल्ट के मुकाबले दक्षिण हरियाणा के साथ भेदभाव किए जाने के आरोपों पर भी राव नरबीर सिंह ने खुलकर बात की। उन्होंने राव इंद्रजीत के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए करारा जवाब दिया। "दक्षिण हरियाणा के साथ भेदभाव का दौर पहले की सरकारों (कांग्रेस और इनेलो) में होता था, भारतीय जनता पार्टी में ऐसा बिल्कुल नहीं होता।

बीजेपी करती है हर इलाके का बराबर सम्मान

भाजपा सरकार प्रदेश के हर इलाके का बराबर सम्मान करती है और 'हरियाणा एक-हरियाणा एक' के नारे के साथ बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करवा रही है। "लोकतंत्र में सबसे बड़ा पैमाना जनता की 'वोट' होती है। दक्षिण हरियाणा की जनता ने भाजपा के पक्ष में एकतरफा वोट देकर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में दक्षिण हरियाणा के साथ किसी भी तरह के भेदभाव का कोई मतलब ही नहीं बनता।"

पूर्व विधायक दादा मोहर सिंह के सम्मान पर बोले— "अब स्थितियां अनुकूल हैं"

अहीरवाल क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी और आजादी के समय दक्षिण हरियाणा के इकलौते पूर्व विधायक दादा मोहर सिंह को उनके ही जिले में अब तक पूरा सरकारी सम्मान नहीं मिलने के सवाल पर भी मंत्री ने बेबाकी से जवाब दिया। राव नरबीर सिंह, जो खुद दादा मोहर सिंह के पौत्र हैं  ने कहा कि पूर्व में उन्हें उचित सम्मान न मिलने के कुछ 'राजनीतिक कारण' रहे थे।उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, "अब कंडीशन फेवरेबल (स्थितियां अनुकूल) हैं, अब ऐसा नहीं होगा।" मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ऐतिहासिक महापुरुषों को उनका हक और पूरा सम्मान दे रही है। इसी कड़ी में बूढ़पुर में 35 एकड़ भूमि पर इस भव्य बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण वन विभाग द्वारा कराया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी हरित धरोहर बनेगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि भले ही भाजपा विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन दक्षिण हरियाणा (विशेषकर अहीरवाल बेल्ट) में पार्टी के भीतर राव इंद्रजीत सिंह और राव नरबीर सिंह के खेमों के बीच की राजनीतिक तनातनी अब ढकी-छुपी नहीं रह गई है और सरकारी मंचों पर भी खुलकर दिखने लगी है।

बूढ़पुर बायोडायवर्सिटी पार्क की मुख्य विशेषताएं

इस सियासी हंगामे के बीच वन विभाग द्वारा बनाए जा रहे इस पार्क की मुख्य विकास परियोजना इस प्रकार है:

कुल क्षेत्रफल: 35 एकड़ भूमि में फैलेगा यह जैविक पार्क।

सुरक्षा दीवार: 3 फीट ऊंची पत्थरों की दीवार के साथ 8 से 10 फीट ऊंची मजबूत तारबंदी (फेंसिंग) की जाएगी।

वॉक ट्रैक: आमजन के घूमने के लिए पार्क के भीतर 1800 मीटर लंबा वॉकिंग ट्रैक तैयार होगा।

विविधता: पार्क में 150 से अधिक प्रजातियों के स्वदेशी पेड़-पौधे, जल स्रोत और पक्षियों के लिए विशेष आश्रय स्थल बनाए जाएंगे।

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