हरियाणा के रेवाड़ी नागरिक अस्पताल में वर्ष 2022-23 (NHM के तहत) के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब 28 लाख रुपये की लागत से लगाए जाने वाले फ्लेक्स बोर्ड में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। इस मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए 3 डिप्टी सिविल सर्जन समेत कुल 6 डॉक्टरों को चार्जशीट कर दिया है। इसके साथ ही गड़बड़ी करने वाली संबंधित होर्डिंग फर्म 'यादव प्रिंट आर्ट' को ब्लैकलिस्ट कर उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत आने वाले हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों के बाहर सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए फ्लेक्स बोर्ड और होर्डिंग्स लगाए जाने थे। लेकिन परचेज कमेटी के डॉक्टरों की मिलीभगत से धरातल पर बोर्ड लगाए बिना ही कंपनी को करीब 28 लाख रुपये का भुगतान एडवांस में कर दिया गया। जांच रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा को पत्र लिखकर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
दफ्तर में बैठकर दी 'ओके रिपोर्ट', बिना बोर्ड लगे हुआ भुगतान
जांच रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022-23 में इस योजना के तहत बजट जारी किया गया था। अलॉटमेंट के बाद नियमों के मुताबिक डॉक्टरों की टीम को फील्ड में जाकर होर्डिंग्स का भौतिक सत्यापन करना था। लेकिन छह डॉक्टरों की टीम ने ऑन-फील्ड चेकिंग करने के बजाय दफ्तर में आराम से बैठकर ही 'ऑल ओके' की रिपोर्ट तैयार कर दी। इस फर्जी वेरिफिकेशन रिपोर्ट के आधार पर टेंडर लेने वाली कंपनी को एडवांस पेमेंट रिलीज कर दी गई, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ था।
इन 6 डॉक्टरों पर गिरी गाज
विभागीय आदेशों के अनुसार, परचेज और वेरिफिकेशन कमेटी में शामिल जिन 6 डॉक्टरों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (पुनरीक्षण एवं अपील) नियम-2016 के रूल-7 के तहत चार्जशीट जारी करने का फैसला लिया गया है, उनमें तीन डिप्टी सिविल सर्जन भी शामिल हैं। इन सभी से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है और रिपोर्ट हेड ऑफिस भेजने को कहा गया है।
फर्जी बिल लगाने वाली कंपनी पर भी एक्शन
घोटाले को अंजाम देने वाली फर्म 'यादव प्रिंट आर्ट' के खिलाफ भी सरकार ने चाबुक चलाया है। विभाग ने कंपनी को तुरंत प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने और उसकी जमा की गई सिक्योरिटी राशि को सरकारी खाते में जब्त करने के कड़े आदेश दिए हैं। घोटाले का समय: वर्ष 2022-23 की NHM और हेल्थ एंड वैलनेस स्कीम।कुल बजट: करीब 28 लाख रुपये।आरोप: बिना फ्लेक्स बोर्ड लगाए, फर्जी बिलों के आधार पर एडवांस पेमेंट करना। ACS हेल्थ ने DGHS को पत्र लिखकर 15 दिन के अंदर रूल-7 के तहत विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
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