UGC-NET 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रोहतक के छात्र नेता और हरियाणवी एडवोकेट दीपक धनखड़ ने दावा किया है कि बिहार का एक संगठित माफिया गैंग पेनड्राइव में NET का असली पेपर लेकर आया था और हरियाणा के रोहतक में दो अलग-अलग जगहों पर अभ्यर्थियों को रातभर सवाल रटवाए गए। इस खुलासे के बाद खुद को जान का खतरा बताते हुए एडवोकेट दीपक धनखड़ फिलहाल अंडरग्राउंड हो गए हैं।
गैंग के सदस्य पेनड्राइव में प्रश्नपत्र लेकर रोहतक पहुंचे
दीपक धनखड़ आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई ASAP के हरियाणा अध्यक्ष के मुताबिक, वे दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। वहीं पर उनकी मुलाकात पेपर लीक माफिया नेटवर्क के एक सदस्य से हुई, जिसने आगामी परीक्षाओं के पेपर उपलब्ध कराने का दावा करते हुए अपना मोबाइल नंबर साझा किया। इसके बाद यूजीसी-नेट की तैयारी कर रहे कुछ छात्रों के जरिए उस नंबर पर संपर्क साधा गया और सौदेबाजी शुरू हुई। एडवोकेट धनखड़ ने दावा किया कि 29 और 30 जून को होने वाली NET परीक्षा से ठीक पहले, 28-29 जून की रात को बिहार के गैंग के सदस्य पेनड्राइव में प्रश्नपत्र लेकर रोहतक पहुंचे।
ऐसे मिला लीक पेपर का सबूत
रोहतक में दो ठिकानों पर 5 से 6 अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर लैपटॉप के जरिए पेपर रटवाया जा रहा था। इसी दौरान लैपटॉप और पेनड्राइव संभाल रहा गैंग का एक सदस्य सो गया। मौका पाकर दीपक और उनके साथी अंकित ने उस प्रश्नपत्र की PDF फाइल अपने मोबाइल पर शेयर कर ली। इस PDF में सोशियोलॉजी (Sociology) विषय के प्रश्न थे, जिनमें से 90 सवाल बिल्कुल साफ थे और 10 धुंधले (ब्लर) थे। अगले दिन जब परीक्षा हुई, तो रटवाए गए सवाल हुबहू असली प्रश्नपत्र से मेल खा गए।
₹2.25 लाख का सौदा और बिहार का बैंक खाता
इस लीक नेटवर्क का सौदा प्रति अभ्यर्थी सवा दो लाख रुपये (₹2,25,000) में तय हुआ था। माफिया की शर्त थी कि पेमेंट परीक्षा खत्म होने के बाद 2 जुलाई तक करनी होगी। इसके लिए बकायदा रिषीराज कुमार नाम के व्यक्ति का अकाउंट नंबर और IFSC कोड (UBIN0919861) दिया गया था, जो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आरा ब्रांच (बिहार) का है. दीपक ने सबूत के तौर पर वह पर्ची भी दिखाई है जिसमें संतोष, मनोज और डब्ल्यूटी पुरनोई जैसे नाम और 5 मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार को घेरा
इस मामले में एक नया सियासी मोड़ तब आया जब दीपक धनखड़ ने 7 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टीम से संपर्क कर सारे साक्ष्य सौंपे। इसके बाद 8 जुलाई 2026 को राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया (X) हैंडल पर पोस्ट कर सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने लिखा कि:"UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF सर्कुलेट हुई, जो सिर्फ NTA के पास सुरक्षित होती है। ₹2.25 लाख में यह पेपर बिहार, यूपी, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा गया। बार-बार घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है।"
एडवोकेट क्यों हुए अंडरग्राउंड? लगाए गंभीर आरोप
वीडियो जारी करने और सबूत सार्वजनिक करने के बाद दीपक धनखड़ लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं और अंडरग्राउंड हैं। उनका आरोप है कि पुलिस असली पेपर माफिया नेटवर्क को पकड़ने के बजाय उन पर और उनके परिवार पर दबाव बना रही है। उनकी तलाश में उनके भाई जो सुनारिया जेल में नर्सिंग ऑफिसर हैं, उनकी बहन सोनीपत DC ऑफिस में क्लर्क और पिता-पत्नी को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में लिया था, जिन्हें सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद छोड़ा गया।
CBI इस पूरे मामले की जांच करे
दीपक ने मांग की है कि CBI इस पूरे मामले की जांच करे, NTA के अधिकारियों और पेपर सेट करने वाले प्रोफेसर्स की फॉरेंसिक जांच की जाए। उन्होंने कहा, "हम इस मामले के चश्मदीद हैं, अगर हम झूठे निकले तो सरकार हमारे खिलाफ कार्रवाई करे।" दूसरी ओर, रोहतक पुलिस का इस मामले पर कहना है कि कुछ लोग फर्जी प्रश्नपत्रों के सहारे ठगी करने और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे थे, जिसके संबंध में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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