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The Haryana Story | ऐतिहासिक पल: पीएम मोदी ने जींद से देश की पहली 'हाइड्रोजन ट्रेन' को दिखाई हरी झंडी; हरियाणा को ₹14,700 करोड़ की सौगात

ऐतिहासिक पल: पीएम मोदी ने जींद से देश की पहली 'हाइड्रोजन ट्रेन' को दिखाई हरी झंडी; हरियाणा को ₹14,700 करोड़ की सौगात

सुशासन और डबल इंजन सरकार का मॉडल बना जींद

जींद के हुडा ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज जींद, भाजपा-एनडीए के सुशासन मॉडल की जीती-जागती तस्वीर बन रहा है। बीते वर्षों में पूरा हरियाणा विकास की एक नई पटरी पर चल पड़ा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार के विकास के मिशन को आज का यह कार्यक्रम नई ऊर्जा और गति दे रहा है।" प्रधानमंत्री ने जींद से जुड़े अपने पुराने सांगठनिक दिनों की यादों को भी ताजा किया और वहां के लोगों से मिले स्नेह के लिए आभार जताया।

भारत की हाइड्रोजन ट्रेन सबसे लंबी भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा," दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी-अभी अस्तित्व में आई है। अभी दुनिया के तीन या चार देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है। लेकिन भारत की इस हाइड्रोजन ट्रेन के सामर्थ्य के बारे में सुनकर आपको और एक-एक हिंदुस्तानी को गर्व होगा। जींद से चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। ये ट्रेन 3200 हॉर्स पॉवर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, बल्कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन सबसे लंबी भी है..." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे के विकास के ऐतिहासिक सफर को रेखांकित करते हुए कहा 19वीं सदी के दौर के रेलवे की पहचान कोयले और स्टीम इंजन (भाप) से बनी थी। 20वीं सदी में रेलवे का संचालन मुख्य रूप से डीजल और बिजली (इलेक्ट्रिक) से चलने वाली रेलगाड़ियों से हुआ। अब 21वीं सदी की ट्रेन पूरी तरह से हाइड्रोजन से चलने वाली है।

जींद से सोनीपत का सफर 

वर्तमान में यह हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर का सफर तय करेगी। भविष्य की संभावनाएं: प्रधानमंत्री ने साफ किया कि आने वाले समय में इसके विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। भारत इस तकनीक पर लगातार रिसर्च (अनुसंधान) करता रहेगा ताकि इसकी लागत को और कम किया जा सके। दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक केवल 7-8 साल पहले ही आई है। विश्व के चुनिंदा 4 देशों के पास ही इसे चलाने का सामर्थ्य है। जिन देशों में यह चल रही है, वहां भी यह शुरुआती दौर में है। ऐसे में भारत द्वारा इतनी शक्तिशाली और अत्याधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन का निर्माण व संचालन करना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

₹14,700 करोड़ के विकास कार्यों का तोहफा

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने हरियाणा के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ₹14,700 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसमें मुख्य मार्ग, हांसी-बरवाला फोरलेन परियोजना, बीकानेर-सिवानी-सोनीपत सड़क संपर्क परियोजना जैसी कनेक्टिविटी और नए एक्सप्रेस-वे की सौगातें शामिल हैं, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में सिख म्यूज़ियम और 24.27 किलोमीटर लंबे हांसी-बरवाला ब्राउनफ़ील्ड हाईवे प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। उन्होंने कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और अन्य प्रोजेक्ट्स को भी देश को समर्पित किया।

सफाई और स्वच्छता के लिए मोदी का आना जरूरी है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं आज जींद वालों से कुछ मांगने आया हूं, क्या इस सफाई और स्वच्छता के लिए मोदी का आना जरूरी है? अगर जींद और हरियाणा के लोग तय कर लें कि अब हम गंदगी नहीं करेंगे। तो जींद और हरियाणा कभी गंदा होगा क्या... मोदी के आने की जरूरत नहीं है केवल आप तय कर लीजिए कि स्वच्छता को हमारा स्वभाव बनाएंगे। स्वच्छता को हमारा संस्कार बनाएंगे। हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे।

दुल्हन की तरह सजा जींद जंक्शन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को लेकर जींद रेलवे जंक्शन को दुल्हन की तरह सजाया गया था। हाइड्रोजन ट्रेन व जंक्शन को फूलों की साज-सज्जा दी गई। जो हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रही थी। हालांकि रेलवे जंक्शन के अंदर किसी को जाने की इजाजत नहीं थी। उद्घाटन समारोह को देखते हुए जींद रेलवे जंक्शन को सुरक्षा घेरे में लिया गया था। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हर तरफ तैनात रहा। स्कूली बच्चे उत्साह से भरे हुए थे, जो ट्रेन के पहले सफर का हिस्सा बन। यह कार्यक्रम न केवल रेलवे के आधुनिकीकरण का प्रतीक रहा, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।

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