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The Haryana Story | देहरादून में भारी बारिश और बाधाओं के बावजूद गूंजी 'छात्रों की गूंज', कुमारी सैलजा का सरकार पर तंज- युवाओं की आवाज़ दबाना नामुमकिन

देहरादून में भारी बारिश और बाधाओं के बावजूद गूंजी 'छात्रों की गूंज', कुमारी सैलजा का सरकार पर तंज- युवाओं की आवाज़ दबाना नामुमकिन

राहुल गांधी के कार्यक्रम का अंतिम समय में बदला स्थान, फिर भी उमड़ा युवाओं का सैलाब

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य तथा उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि देहरादून में आयोजित नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं की आवाज़ को प्रशासनिक फैसलों या कार्यक्रम स्थल बदलने जैसे प्रयासों से दबाया नहीं जा सकता। सांसद ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद हजारों छात्र-युवा कार्यक्रम में पहुंचे और अपने भविष्य, शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया।

कार्यक्रम का स्थान अंतिम समय में बदले जाने के बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ

कुमारी सैलजा ने कहा कि कार्यक्रम का स्थान अंतिम समय में बदले जाने के बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। इससे साफ है कि देश का युवा शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, रोजगार और अपने भविष्य को लेकर गंभीर है तथा अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा छात्रों और युवाओं की आवाज़ को प्राथमिकता देती रही है और आगे भी उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि आज देश का एक बड़ा युवा वर्ग अपनी उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर देख रहा है और उनसे शिक्षा, रोजगार तथा युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपेक्षा रखता है।

रिया कुमारी के पिता द्वारा अपनी पीड़ा साझा करना अत्यंत भावुक क्षण था

कुमारी सैलजा ने कहा कि आज देश के लाखों-करोड़ों युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपना समय, मेहनत और परिवार की जमा-पूंजी लगा देते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद होना अत्यंत आवश्यक है। यदि पेपर लीक और अनियमितताओं जैसी घटनाएं होती हैं तो इससे युवाओं का मनोबल टूटता है और पूरे परिवार पर गहरा मानसिक व आर्थिक प्रभाव पड़ता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान नीट परीक्षा से जुड़े मामले में दिवंगत छात्रा रिया कुमारी के पिता द्वारा अपनी पीड़ा साझा करना अत्यंत भावुक क्षण था। 

ऐसी घटनाएं पूरे समाज के लिए चिंता का विषय

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं और भविष्य में किसी भी छात्र-छात्रा के साथ ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस युवाओं के बेहतर भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। देहरादून से उठी ‘छात्रों की गूंज’ केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देशभर के युवाओं की आकांक्षाओं और अधिकारों की आवाज़ बनेगी।

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