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The Haryana Story | पेपर लीक प्रदर्शन से पहले दिल्ली में भारी सियासत, AAP विधायक वीरेंद्र कादियान नजरबंद, विधायक बोले- क्या यह खुलेआम सरकार की तानाशाही नहीं?

पेपर लीक प्रदर्शन से पहले दिल्ली में भारी सियासत, AAP विधायक वीरेंद्र कादियान नजरबंद, विधायक बोले- क्या यह खुलेआम सरकार की तानाशाही नहीं?

कादियान को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की पहली रात 19-20 जुलाई की दरमियानी रात को ही उनके आवास पर डिटेन कर लिया

दिल्ली छावनी के विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान को दिल्ली पुलिस द्वारा उनके आवास पर ही नजरबंद कर लिया गया है। यह कार्रवाई 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर शिक्षा में भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ होने वाले छात्रों के बड़े और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए की गई है। विधायक ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

प्रदर्शन रोकने के लिए रात में ही पुलिसिया कार्रवाई

देश की राजधानी दिल्ली में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में धांधली को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक टकराव में तब्दील हो चुका है। दिल्ली छावनी से आम आदमी पार्टी के विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की पहली रात 19-20 जुलाई की दरमियानी रात को ही उनके आवास पर डिटेन कर लिया है। विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा आयोजित देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोकने के लिए नजरबंदी की कार्रवाई को अंजाम दिया।

'क्या यह सरकार की तानाशाही नहीं है?' विधायक का तीखा हमला

अपनी नजरबंदी पर कड़ा रोष प्रकट करते हुए विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा शिक्षा में भ्रष्टाचार और पेपर लीक हमारे देश के युवाओं के भविष्य के साथ सरासर धोखा है। सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए छात्र 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं उनकी आवाज बनने जा रहा था, लेकिन मुझे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने पहली रात से ही डिटेन कर लिया। क्या यह खुलेआम सरकार की तानाशाही नहीं है?'

क्यों सुलग रहा है जंतर-मंतर?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से नीट और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का धरना और भूख हड़ताल जारी है। आंदोलन को लगातार विपक्षी पार्टियों आप, आरजेडी और कांग्रेस का भारी समर्थन मिल रहा है। इस छात्र आंदोलन का चेहरा बने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक भी इस मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे, जिन्हें हाल ही में पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया है। उनके बाद अब सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने भूख हड़ताल संभाली हुई है।

पुलिस का रुख

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, संसद के आस-पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने और 20 जुलाई को प्रस्तावित मार्च को देखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया है ताकि जंतर-मंतर पर स्थिति अनियंत्रित न हो।इस नजरबंदी के बाद आम आदमी पार्टी और छात्र संगठनों में रोष और बढ़ गया है, जिससे आने वाले घंटों में दिल्ली की सड़कों पर टकराव बढ़ने के आसार हैं।

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