हरियाणा के भिवानी जिले में दस्तावेजों में गड़बड़ी और नियमों के विपरीत पाए जाने के कारण हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित 23 ग्रुप-डी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (कार्यमुक्त) कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, भिवानी के उपायुक्त साहिल गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को इन अपात्र कर्मचारियों को तुरंत हटाने के सख्त आदेश दिए हैं।
23 ग्रुप-डी कर्मचारियों पर गाज गिरी
हरियाणा में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत भिवानी जिले में नियुक्त किए गए 23 ग्रुप-डी कर्मचारियों पर गाज गिरी है। मानव संसाधन विभाग द्वारा की गई स्क्रूटनी और दस्तावेजों की गहन जांच में इन सभी कर्मचारियों के दस्तावेज अधूरे और नियमों के विपरीत पाए गए, जिसके बाद इन्हें अपात्र घोषित कर तत्काल प्रभाव से सेवा से कार्यमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
डीसी साहिल गुप्ता का कड़ा एक्शन, 17 जुलाई से ही कार्यमुक्त करने के आदेश
निदेशक (मानव संसाधन विभाग) और रोहतक मंडल आयुक्त से मिले निर्देशों के अनुपालन में, भिवानी के उपायुक्त (DC) साहिल गुप्ता ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने जिले के सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि जिन भी विभागों में ये अस्थाई रूप से नियुक्त कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन्हें 17 जुलाई की दोपहर बाद से ही कार्यभार मुक्त माना जाए।
आदेशों की अनदेखी पर विभागाध्यक्षों को चेतावनी
डीसी साहिल गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अपात्र सूची में शामिल किसी भी कर्मचारी को किसी भी स्थिति में सरकारी सेवा जारी रखने की अनुमति न दी जाए। यदि किसी विभागाध्यक्ष ने इन आदेशों की पालना में लापरवाही या देरी की, तो इसके लिए संबंधित विभागाध्यक्ष स्वयं जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया पूरी करके इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों को भेजने का निर्देश दिया गया है।
23 अपात्र कर्मचारियों की सूची
मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी जांच के बाद, भिवानी जिले के विक्रांत, बलवान, नवीन, रवि शंकर, परीक्षित, मंजू, रोहित सिंह, पवन कुमार, नसीब कुमार, सचिन, मनीषा, मनप्रीत सिंह, कविता, ज्योति, कृष्ण कुमार, अंतिम, नरेश कुमार, प्रदीप, विकास, मनोज कुमार, अभयपद, साहिल और शुभम सहित कुल 23 कर्मचारियों को अपात्र पाया गया।
कार्रवाई की मुख्य वजह
इन कर्मचारियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, सामाजिक-आर्थिक मानदंड के अंक या अन्य जरूरी दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गईं। भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और योग्यता बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है, ताकि केवल पात्र उम्मीदवारों को ही नौकरी मिले।
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