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The Haryana Story | कांग्रेस सिर्फ मौसम देखकर राजनीति करने वाली 'ड्रॉइंग रूम' पार्टी, टेम्परेचर देख निकलती बाहर, अस्तित्व हुआ खत्म :  मंत्री कृष्ण लाल पंवार

कांग्रेस सिर्फ मौसम देखकर राजनीति करने वाली 'ड्रॉइंग रूम' पार्टी, टेम्परेचर देख निकलती बाहर, अस्तित्व हुआ खत्म : मंत्री कृष्ण लाल पंवार

कुरुक्षेत्र में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के बाद बरसे मंत्री; 11 जन-शिकायतों पर लिया कड़ा एक्शन

कुरुक्षेत्र जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने कांग्रेस पार्टी के विरोध-प्रदर्शनों और नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर तीखा राजनीतिक तंज कसा है। इस बैठक में उन्होंने जनता की 11 महत्वपूर्ण शिकायतों की सुनवाई की और उनके त्वरित समाधान के कड़े निर्देश जारी किए।

हालिया प्रदर्शनों पर तीखा हमला

हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने कांग्रेस पार्टी की जमीनी सक्रियता और उनके हालिया प्रदर्शनों पर तीखा हमला बोला है। कुरुक्षेत्र में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति (ग्रीवेंस कमेटी) की मासिक बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे मंत्री पवार ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेताओं को 'ड्रॉइंग रूम' और 'मौसम के हिसाब से चलने वाले राजनेता' करार दिया।

'मौसम देखकर बाहर निकलते हैं कांग्रेसी नेता'

कांग्रेस के हालिया प्रदर्शनों और पुलिस द्वारा नेताओं को हिरासत में लिए जाने के सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, 'यह तो परमात्मा की कृपा है कि अभी मानसून के कारण तापमान थोड़ा कम हुआ है, इसलिए कांग्रेस पार्टी के लोग जो हमेशा ड्रॉइंग रूम में बैठते हैं, अब बाहर निकल आए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि मार्च और अप्रैल की भीषण गर्मी के दौरान ये नेता जनता के बीच जाने के बजाय अपने वातानुकूलित दफ्तरों में छिपे बैठे थे। यह पार्टी केवल मौसम देखकर अपनी राजनीति चमकाती है और अब देश के भीतर से कांग्रेस का वजूद पूरी तरह खत्म हो चुका है।

कष्ट निवारण समिति में एक्शन: 11 शिकायतों पर हुई सुनवाई

राजनीतिक बयानों के इतर, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार का प्रशासनिक तौर पर सख्त रुख देखने को मिला। बैठक के दौरान कुल 11 शिकायतें उनके समक्ष रखी गईं।  मंत्री पवार ने सभी 11 शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को इनका निवारण करने के सख्त आदेश दिए।

प्रमुख मुद्दे जो छाए रहे

बैठक के एजेंडे में अंसल सुशांत सिटी में मूलभूत सुविधाओं सड़क, सीवर, लाइट की कमी, को-ऑपरेटिव सोसाइटी में गड़बड़ी, आशा वर्कर से जुड़े विवाद और ब्रह्मसरोवर में सुसाइड के प्रयास से जुड़े एक चर्चित पारिवारिक विवाद का मामला प्रमुखता से छाया रहा। मंत्री ने साफ लहजे में हिदायत दी कि जनता के कार्यों में ढिलाई या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यदि अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान में कोताही बरती, तो उनके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासनिक मोर्चे पर जहां राज्य सरकार जनता की समस्याओं को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है, वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े हरियाणा में बीजेपी-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग भी लगातार तेज होती जा रही है।

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