loader
The Haryana Story | सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए सरकार के सामने रखी बड़ी शर्त, केंद्रीय मंत्रियों को लिखा पत्र

सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए सरकार के सामने रखी बड़ी शर्त, केंद्रीय मंत्रियों को लिखा पत्र

लिखित आश्वासन मिलने पर ही अपना अनशन समाप्त करेंगे

सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर साफ किया है कि वे युवा प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई न होने का लिखित आश्वासन मिलने पर ही अपना अनशन समाप्त करेंगे। नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के विरोध में अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहाँ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात कर अनशन खत्म करने की अपील की थी। इसके जवाब में वांगचुक ने दोनों मंत्रियों को एक आधिकारिक पत्र भेजा है।

पत्र की मुख्य बातें और वांगचुक की शर्तें

युवाओं पर न हो कानूनी कार्रवाई: वांगचुक ने मांग की है कि 'चलो संसद मार्च' और आंदोलन में शामिल युवा प्रदर्शनकारियों पर कोई दंडात्मक या प्रतिशोधपूर्ण कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

लिखित आश्वासन पर ही टूटेगा अनशन: उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सरकार से इस संबंध में स्पष्ट और लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वे अपना अनशन खत्म करेंगे, अन्यथा उनका अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा।

संसद में चर्चा का आश्वासन: मंत्रियों ने उन्हें भरोसा दिया है कि सरकार पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही (इस्तीफे की मांग सहित) पर सकारात्मक विचार करने को तैयार है।

प्रभावित परिवारों को मुआवजा: पेपर लीक और धांधली के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है।

65 सांसदों की अपील: पत्र में उन्होंने यह भी जिक्र किया है कि देश के लगभग 65 सांसदों ने उनसे स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अनशन खत्म करने की अपील की है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×