केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी पर पेपर लीक मामले में 'चुनिंदा राजनीति' (सेलेक्टिव एप्रोच) करने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। सरकार एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते इन मामलों की पूरी जांच कराएगी और जनता के सामने 'दूध का दूध और पानी का पानी' करेगी।
छात्रों की मांगों का राजनीतिकरण बंद हो
दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा छात्रों की जायज मांगों और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का राजनीतिकरण करके उससे राजनीतिक माइलेज लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शाम 4 बजे प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए प्रेजेंटेशन में लगभग 150 पेपर लीक मामलों का जिक्र किया गया है। सरकार इसकी गहराई से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद सरकार देश और जनता के सामने पूरी सच्चाई रखेगी, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा।
नड्डा ने राहुल गांधी से पूछे सीधे सवाल
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वे देश के सामने पेपर लीक के आंकड़ों को लेकर इतने 'सेलेक्टिव' क्यों हैं? उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी ने अपने प्रस्तुतीकरण में कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन शासित राज्यों तथा पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए पेपर लीक का जिक्र क्यों नहीं किया। केंद्रीय मंत्री ने उन राज्यों की एक लंबी सूची सार्वजनिक की, जहां विपक्षी दलों या उनके सहयोगियों की सरकारें हैं और वहां बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं।
पेपर लीक की घटना (विपक्ष/सहयोगी दल शासित)
- जम्मू और कश्मीर सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) परीक्षा का पेपर लीक
- हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग व अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक
- झारखंड प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले
- तेलंगाना लैंग्वेज (भाषा) और अन्य विभागीय परीक्षाओं के पेपर लीक
- तमिलनाडु बीएड (B.Ed) और शिक्षक भर्ती से जुड़े पेपर लीक
- पश्चिम बंगाल सिपाही (पुलिस) भर्ती परीक्षा का पेपर लीक
- पंजाब सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं और पेपर लीक
- केरल विभिन्न राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक
- कर्नाटक सरकारी सेवा भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक
सरकार संसद में चर्चा और स्थायी समाधान के लिए तैयार
जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक एक राष्ट्रीय और बेहद गंभीर समस्या है, जिसके लिए सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठना होगा। सरकार इस विषय पर संसद के पटल पर हर बिंदु पर गहन और विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।नीति बनाने की अपील: उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे केवल आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय सरकार के साथ मिलकर एक मजबूत राष्ट्रीय नीति बनाएं ताकि इस समस्या का हमेशा के लिए स्थायी समाधान निकाला जा सके और देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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