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The Haryana Story | जंतर-मंतर हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, PM मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के लिए कंपनियों को नोटिस

जंतर-मंतर हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, PM मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के लिए कंपनियों को नोटिस

दिल्ली पुलिस की विशेष 'सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम' 24 घंटे सक्रिय

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक के विरोध में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के 36 दिनों के लंबे आंदोलन और 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ की जा रही भद्दी टिप्पणियों, मीम्स और आपत्तिजनक वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है।

डिजिटल क्लीनिंग और पुलिस की सख्त कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को कानूनी नोटिस जारी कर विवादित सामग्री हटाने को कहा गया है। दिल्ली पुलिस की विशेष 'सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम' 24 घंटे सक्रिय है, जो गाली-गलौज, भड़काऊ भाषा और फर्जी दावों से जुड़े कंटेंट को चिन्हित कर रही है।

डीपफेक अकाउंट्स पर गाज

पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों की आड़ में डीपफेक और AI-जनरेटेड भ्रामक कंटेंट फैलाने वाले लगभग 450 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की है और उन्हें ब्लॉक करने की सिफारिश की है।दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुछ वायरल वीडियो और भ्रामक पोस्ट के पीछे सीमा पार यानी पाकिस्तानी हैंडलर भी सक्रिय थे, ताकि देश में डर और अफरातफरी का माहौल बनाया जा सके।

अभद्र वीडियो और कमेंट्स को प्लेटफॉर्म से हटाना शुरू कर दिया

पुलिस इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि इन पोस्ट्स से किसी कानून का उल्लंघन हुआ है या इनसे सार्वजनिक शांति को खतरा पहुंचा है। पुलिस के निर्देश के बाद तकनीकी कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कई अभद्र वीडियो और कमेंट्स को प्लेटफॉर्म से हटाना शुरू कर दिया है।

130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल

NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर शुरू हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं, जिसमें लगभग 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल हुए थे। हालांकि, सरकार द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन जैसी प्रमुख मांगों को स्वीकार करने के बाद शनिवार को CJP ने इस आंदोलन को वापस ले लिया था।

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