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The Haryana Story | CJP प्रमुख अभिजीत दीपके का सरकार पर तीखा हमला, दोबारा देशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

CJP प्रमुख अभिजीत दीपके का सरकार पर तीखा हमला, दोबारा देशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सरकार के वादे पर भड़के दीपके कहा 'छात्रों का उत्पीड़न हमें मंजूर नहीं'

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार को फिर से एक बड़े और देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन की कड़ी चेतावनी दी है। यह विवाद हाल ही में देश में हुए बड़े छात्र आंदोलन (पेपर लीक विवाद) के खत्म होने के ठीक बाद खड़ा हुआ है। अभिजीत दीपके और सीजेपी नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार ने बातचीत के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने का भरोसा दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश की आड़ में छात्रों को टारगेट और प्रताड़ित किया जा रहा है।

सीजेपी देश भर में फिर से एक बहुत बड़ा और व्यापक शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगी

देश में पेपर लीक के खिलाफ हुए ऐतिहासिक छात्र आंदोलन के खत्म होने के तुरंत बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर वादा खिलाफ़ी का आरोप लगाते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। दीपके ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों की 'विच-हंटिंग' और उन्हें निशाना बनाना तुरंत बंद नहीं किया गया, तो सीजेपी देश भर में फिर से एक बहुत बड़ा और व्यापक शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगी।

क्या है पूरा विवाद?

सीजेपी नेतृत्व के अनुसार, केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में यह सहमति बनी थी कि आंदोलन में शामिल सभी प्रदर्शनकारी छात्रों को बिना शर्त छोड़ा जाएगा और उन पर दर्ज एफआईआर  वापस ली जाएंगी। लेकिन हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद स्थिति बदलती दिख रही है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिए हैं कि जिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पहले से गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हैं, उन्हें राहत देने में जल्दबाजी न की जाए, बल्कि सबूतों को सुरक्षित रखा जाए। इस पर नाराजगी जताते हुए छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार अब कोर्ट के आदेश का बहाना बनाकर छात्रों को फंसाने और परेशान करने की कोशिश कर रही है, जो उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है।

'हम किसी भी छात्र को अकेला नहीं छोड़ेंगे'

CJP के वरिष्ठ नेता सौरव दास और संगठन के अन्य प्रवक्ताओं ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा, "हमारी मांग स्पष्ट थी कि हर एक छात्र को रिहा किया जाएगा। यदि सरकार ने अपना वादा तोड़ा, तो हमारे पास दोबारा सड़कों पर उतरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। हम अपने किसी भी साथी को अकेला नहीं छोड़ेंगे।"

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और पुलिस की कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली समेत महाराष्ट्र, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने हालांकि यह भी कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों में फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और सभी डिजिटल व अन्य सबूतों को सुरक्षित रखा जाए। इस बीच, आंदोलन से जुड़े छह प्रमुख एक्स (X) हैंडल्स को दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस भेजा जा चुका है और कुछ एफआईआर भी दर्ज की गई हैं, जिससे छात्रों में भारी आक्रोश है। अभिजीत दीपके ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन भले ही स्थगित हुआ था, लेकिन छात्रों के हक की लड़ाई जारी रहेगी। संगठन जल्द ही अपनी अगली बड़ी रणनीति और देशव्यापी प्रदर्शन की तारीखों का ऐलान कर सकता है।

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