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The Haryana Story | हाई-टेक पुलिसिंग: हरियाणा पुलिस ने थामा AI का हाथ, विदेश में बैठे गैंगस्टर्स और साइबर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

हाई-टेक पुलिसिंग: हरियाणा पुलिस ने थामा AI का हाथ, विदेश में बैठे गैंगस्टर्स और साइबर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

गैंगस्टरों के खिलाफ 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' और नए तकनीकी टूल्स के जरिए पूरी तरह एक्शन मोड में आई हरियाणा पुलिस

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हरियाणा पुलिस अपराधियों और विदेशों में शरण लिए बैठे गैंगस्टरों के खिलाफ 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' और नए तकनीकी टूल्स के जरिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस विभाग अपराधियों की धरपकड़, प्रेडिक्टिव पुलिसिंग और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है। इस मिशन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य के पुलिस अधिकारियों और विशेष जांच दलों की हाई-टेक ट्रेनिंग भी शुरू की जा चुकी है। हाल ही में हरियाणा सरकार ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई और साइबर पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े बजट का खाका भी तैयार किया है।

अपराधियों की पहचान और साइबर नेटवर्क पर सख्त नजर: आईजी अशोक कुमार

हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आईजी अशोक कुमार (आईजीपी, सीआईडी) और क्राइम ब्रांच की देखरेख में पुलिस बल को तकनीकी रूप से बेहद सक्षम बनाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस ने साफ किया है कि आधुनिक युग में तकनीक के दुरुपयोग से दी जाने वाली धमकियों और साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए पुलिस अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल रही है।

आईजी अशोक कुमार के अनुसार, एआई की मदद से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ट्रैक करना, सोशल मीडिया पर हथियारों के कल्चर और हिंसा को बढ़ावा देने वाले कंटेंट की पहचान करना और संदिग्ध डेटा का तुरंत विश्लेषण करना बेहद आसान हो गया है। इस एडवांस क्रिमिनल डेटाबेस को राज्य के हर जिले से जोड़ा जा रहा है ताकि अंतर-जिला स्तर पर अपराधियों के मूवमेंट की जानकारी एडवांस में मिल सके।

विदेशों में बैठे गैंगस्टरों तक पहुंचेगी जांच की आंच

हरियाणा पुलिस के विशेष विंग (जैसे स्पेशल टास्क फोर्स - एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। एआई-संचालित 'क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल' के जरिए विदेशी धरती पर सक्रिय भारतीय गैंगस्टरों के खिलाफ कानूनी और राजनयिक शिकंजा मजबूत किया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के ठोस प्रयासों के चलते अब तक 22 मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों को विदेशों से डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कर भारत वापस लाया जा चुका है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कस्टडी

मौजूदा समय में भी लगभग 14 खूंखार गैंगस्टर विभिन्न देशों की पुलिस की हिरासत में हैं, जिन्हें भारत लाने के लिए प्रशासनिक और कूटनीतिक प्रक्रियाएं तेजी से चल रही हैं। एसटीएफ ने पिछले तीन वर्षों के विशेष अभियानों के तहत राज्य में 940 से अधिक सक्रिय गैंग के सदस्यों को सलाखों के पीछे भेजा है।

कांवड़ यात्रा सुरक्षा: आईजी अशोक कुमार बने नोडल अधिकारी

हाई-टेक पुलिसिंग के साथ-साथ हरियाणा पुलिस जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा को लेकर भी मुस्तैद है। पवित्र कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आईजी अशोक कुमार को हरियाणा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी देखरेख में यात्रा मार्गों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। कांवड़ मार्गों पर संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए एआई-कैमरों और ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।

क्विक रिस्पांस टीम

उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर सटीक ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया गया है। किसी भी आपातकालीन चिकित्सा या दुर्घटना की स्थिति में तुरंत सहायता के लिए प्रमुख मार्गों पर एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और क्विक रिस्पांस टीमों को तैनात किया गया है। तकनीकी रूप से अपग्रेड हो रहे हैं।

जांच अधिकारी बदलते दौर में अपराधियों के नए तरीकों का जवाब देने के लिए हरियाणा पुलिस के जांच अधिकारियों को डेटा एनालिटिक्स, डार्क वेब मॉनिटरिंग और डिजिटल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि प्रेडिक्टिव पुलिसिंग की मदद से किसी भी वारदात के होने से पहले ही संभावित हॉटस्पॉट की पहचान की जा सकती है, जिससे युवाओं को अपराध की मुख्यधारा में जाने से रोकने के लिए समय रहते काउंसलिंग भी दी जा सकेगी।

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