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The Haryana Story | 'राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस': 'फ्रेंडशिप डे' जैसा ही दिखे हैंडलूम डे का उत्साह, पीएम मोदी ने युवाओं को दिया 'GRWM' रील बनाने का चैलेंज!

'राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस': 'फ्रेंडशिप डे' जैसा ही दिखे हैंडलूम डे का उत्साह, पीएम मोदी ने युवाओं को दिया 'GRWM' रील बनाने का चैलेंज!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को स्वदेशी से जोड़ने के लिए एक अनोखी मुहिम की शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और विशेषकर युवाओं से 7 अगस्त को पूरे उत्साह के साथ 'राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस' मनाने की विशेष अपील की है‌। इसके लिए उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो रील साझा की, जिसमें उन्होंने लोगों से हैंडलूम उत्पाद खरीदने और बुनकर परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का आग्रह किया है‌।

'हैंडलूम डे' भी उमंग के साथ मनाया जाना चाहिए‌

राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को स्वदेशी से जोड़ने के लिए एक अनोखी मुहिम शुरू की है‌। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो जारी कर देशवासियों से 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया है‌। पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह पिछले हफ्ते युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ 'फ्रेंडशिप डे' मनाया था, ठीक उसी तरह 7 अगस्त को 'हैंडलूम डे' भी उमंग के साथ मनाया जाना चाहिए‌। पीएम मोदी ने कहा कि हैंडलूम डे मनाने का सीधा मतलब है- हर उस गरीब और बुनकर परिवार को आर्थिक मजबूती देना, जो अपने हाथों से खूबसूरत स्वदेशी उत्पाद तैयार करते हैं।

1905 के 'स्वदेशी आंदोलन' की याद

पीएम मोदी ने इतिहास का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि 7 अगस्त 1905 को ही देश की आजादी के लिए स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी और आत्मनिर्भर भारत की नींव पड़ी थी‌। इसी ऐतिहासिक दिन के सम्मान में हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया जाता है‌।

युवाओं को 'GRWM' रील चैलेंज

आज के जनरेशन-जेड और युवाओं से सीधे जुड़ने के लिए पीएम मोदी ने उन्हें अपनी पसंदीदा हैंडलूम पोशाक पहनकर 'Get Ready With Me' (GRWM) वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए प्रेरित किया‌। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे हथकरघा उत्पादों से कुछ न कुछ जरूर खरीदें, उसका वीडियो बनाएं और उसे हैशटैग #NationalHandloomDay के साथ देश-दुनिया में प्रचारित करें‌।

बुनकर परिवारों को बड़ा सहारा

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत के लाखों स्थानीय कारीगरों और बुनकरों के हुनर को वैश्विक पहचान दिलाना और उनकी आजीविका को समृद्ध करना है‌। प्रधानमंत्री के 'वोकल फॉर लोकल' विजन के तहत पिछले 12 वर्षों में भारतीय पारंपरिक वस्त्र उद्योग ने ऐतिहासिक प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025–26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री रिकॉर्ड 1,87,105 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है‌। बीते 12 सालों में खादी की बिक्री 1,081 करोड़ से बढ़कर 7,868 करोड़ हो चुकी है, जो कि 628% की ऐतिहासिक वृद्धि है‌। खादी कारीगरों का पारिश्रमिक 4 रुपए प्रति हैंक से बढ़ाकर अब 15 रुपए प्रति हैंक कर दिया गया है‌।

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