लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य के दौरान टेबल पंखे लगाकर पैचवर्क सुखाने का एक वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार पर करारा तंज कसा है। इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा करते हुए उन्होंने इसे "भाजपाई तरक्की की नई हवा" करार दिया और एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए। इस हाई-प्रोफाइल विवाद के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त एक्शन लेते हुए टोल वसूली पर रोक लगा दी है और IIT खड़गपुर से जांच कराने का फैसला किया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, अखिलेश का तीखा हमला
उन्नाव जिले के असोहा ब्लॉक स्थित बेगमखेड़ा गांव के पास एक्सप्रेसवे धंसने के बाद वहां मरम्मत का काम चल रहा था। इस दौरान गीले पैचवर्क और बारिश के पानी को जल्दी सुखाने के लिए ठेकेदार द्वारा करीब 10 बड़े पेडेस्टल (टेबल) पंखे लगा दिए गए। इस नजारे का वीडियो सामने आने पर अखिलेश यादव ने एक्स (X) पर पोस्ट किया 'यह भाजपाई तरक्की की नई हवा है... जिस सड़क का कुछ दिन पहले ही उद्घाटन हुआ हो, उसे इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत पड़ना गंभीर सवाल खड़े करता है। मरम्मत वाले हिस्से को एक्सप्रेस स्पीड से सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अपने आप में हास्यास्पद स्थिति है।' उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा राज में होने वाले निर्माण कार्य चलते कम हैं और धंसते ज्यादा हैं।
उद्घाटन के महज 20 दिनों में 5 बार धंसी सड़क
उल्लेखनीय है कि लगभग 4,200 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि से इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है। इसका उद्घाटन बीती 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया गया था। उद्घाटन के सिर्फ 20 दिनों के भीतर किलोमीटर-64 के आसपास यह एक्सप्रेसवे 5 बार अलग-अलग जगहों पर धंस चुका है। सड़क धंसने और सतह खिसकने के कारण कई गाड़ियों के अलाइनमेंट बिगड़ने और पहिए मुड़ने की शिकायतें आई हैं, जिससे वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ गई है।
टोल बंद, अधिकारियों पर गिरी गाज
इस भारी फजीहत और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद NHAI एक्शन मोड में आ गया है। एक्सप्रेसवे के पूरी तरह ठीक होने तक इस रूट पर 275 रुपए की टोल टैक्स वसूली को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सड़क बार-बार क्यों धंस रही है, इसकी तकनीकी जांच के लिए IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों को जिम्मा सौंपा गया है। लापरवाही बरतने वाले एनएचएआई के संबंधित अधिकारियों को मौके से हटा दिया गया है। निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक को कारण बताओ नोटिस जारी कर उसे 'नॉन-परफॉर्मिंग कॉन्ट्रैक्टर' घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मरम्मत में आने वाला करीब 3 करोड़ रुपए का पूरा खर्च इसी कंपनी से वसूला जाएगा।
related
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
दुष्यंत ने सैनी सरकार पर लगाए 'फिजूलखर्ची' के आरोप, बोले - करोड़ों का हेलीकॉप्टर बना 'सफेद हाथी', जनता के टैक्स की बर्बादी
अहीरवाल की 'सियासी जंग' तेज़: राव नरवीर ने नायब सैनी को दिया 'मास्टरस्ट्रोक' सुझाव, राव इंद्रजीत पर साधा कड़ा निशाना
Latest stories
CISF की जांबाज खिलाड़ी ने चीन में गाड़ा जीत का झंडा, रितु श्योराण की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
फिरोजपुर झिरका में सीवर की जहरीली गैस ने छीनी दो मजदूरों की जिंदगी, ठेकेदार फरार, जिम्मेदार कौन?