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The Haryana Story | देश में रोजगार के 'सभी 5 दरवाजे बंद': प्रयागराज में बोले राहुल गांधी- 'अंबानी-अडाणी को लाखों करोड़ का लोन, छोटे व्यापारियों को एक रुपया नहीं'

देश में रोजगार के 'सभी 5 दरवाजे बंद': प्रयागराज में बोले राहुल गांधी- 'अंबानी-अडाणी को लाखों करोड़ का लोन, छोटे व्यापारियों को एक रुपया नहीं'

युवाओं और प्रतियोगी छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवाओं और प्रतियोगी छात्रों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने देश में बेरोजगारी के संकट पाए फोकस करते हुए दावा किया कि युवाओं के सामने रोजगार के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

रोजगार के सभी रास्ते पूरी तरह बंद हो चुके

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि देश में युवाओं के लिए रोजगार के सभी रास्ते पूरी तरह बंद हो चुके हैं, प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की 'नोटबंदी और गलत जीएसटी' जैसी नीतियों ने देश के रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले छोटे व्यवसायों और विनिर्माण क्षेत्र को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में केवल 1,000 में से महज 12 युवाओं को ही स्थायी नौकरी मिल पा रही है, जिससे युवा पीढ़ी भयंकर मानसिक और आर्थिक दबाव (चक्रव्यूह) से गुजर रही है।

राहुल गांधी द्वारा बताए गए रोजगार के 5 बंद दरवाजे

राहुल गांधी ने अपने भाषण में विस्तार से समझाया कि कैसे देश में रोजगार सृजन के पांच मुख्य क्षेत्रों को खत्म कर दिया गया है,

पहला दरवाजा (मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर - विनिर्माण): राहुल गांधी ने कहा कि पूरी दुनिया में आज 'मेड इन चाइना', 'मेड इन वियतनाम' और 'मेड इन बांग्लादेश' के उत्पाद दिखते हैं, लेकिन 'मेड इन इंडिया' कहीं नहीं दिखता, नोटबंदी और गलत जीएसटी के कारण लेदर, टेक्सटाइल्स (कपड़ा), और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख विनिर्माण क्षेत्र पूरी तरह ठप हो गए हैं, जिससे करोड़ों नौकरियां खत्म हो गईं।

दूसरा दरवाजा (इंटरप्रेन्योरशिप/स्टार्टअप इंडिया): उन्होंने केंद्र सरकार की 'स्टार्टअप इंडिया' योजना पर तंज कसते हुए कहा कि आज यह व्यवस्था पूरी तरह बंद है. देश के बैंक छोटे व्यापारियों, लघु, सूक्ष्म और मध्यम (MSME) वर्ग के कारोबारियों को कर्ज (लोन) नहीं देते हैं. बैंक आम छात्रों या छोटे उद्यमियों को एक रुपया नहीं देंगे, जबकि अदाणी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को लाखों करोड़ रुपये का लोन सौंप दिया जाता है।

तीसरा दरवाजा (सरकारी नौकरी): राहुल गांधी ने सरकारी नौकरियों में बढ़ती धांधली और पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज हालत यह है कि 150 उम्मीदवारों में से केवल 1 युवा को सरकारी नौकरी नसीब होती है, और उस सिस्टम को भी पेपर लीक के जरिए पूरी तरह दूषित और महंगा बना दिया गया है।

चौथा दरवाजा (पब्लिक सेक्टर - PSU): सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को लेकर सरकार को घेरते हुए उन्होंने आंकड़ा दिया कि 2014 से पहले जिन पब्लिक सेक्टर्स में 14 लाख नौकरियां थीं, वे साल 2026 में घटकर महज 7 लाख रह गई हैं। नवरत्न कंपनियों, पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स और बीएसएनएल (BSNL) जैसी संपत्तियों को निजी हाथों (विशेषकर अडाणी) में सौंप दिया गया है।

पांचवां दरवाजा (कॉर्पोरेट और आईटी जॉब्स): युवाओं की आखिरी उम्मीद कॉर्पोरेट सेक्टर, आईटी, और बैंक ऑफिस की नौकरियों पर थी, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के आने से यह दरवाजा भी युवाओं के लिए बंद किया जा रहा है।

डिग्री सर्टिफिकेट की आज कोई वैल्यू नहीं

राहुल गांधी ने युवाओं के दर्द को साझा करते हुए कहा कि छात्र लाखों-करोड़ों रुपये की फीस देकर डिग्रियां हासिल कर रहे हैं, लेकिन आज उन सर्टिफिकेट्स की कोई वैल्यू नहीं बची है क्योंकि वे रोजगार की गारंटी नहीं देते। उन्होंने कहा, युवाओं से कहा जाता है कि जितनी रील देखनी है देखो, इंस्टाग्राम पर रील बनाओ. यह 21वीं सदी का नया नशा है। अंत में युवाओं को Blinkit या Uber में डिलीवरी बॉय या मजदूरी का काम करने को कह दिया जाता है, लेकिन एक सम्मानजनक नौकरी नहीं दी जाती।

युवाओं से की शांतिपूर्ण बदलाव की अपील

देशभर में विभिन्न परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों का समर्थन करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं ने इस अंधेरे में डर का सामना करके बदलाव की अलख जगाई है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे कभी भी नफरत या हिंसा का रास्ता न अपनाएं, बल्कि "प्यार और स्नेह से इस पूरे भ्रष्ट सिस्टम को बदल कर रख दें।

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