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The Haryana Story | सरकारी स्कूलों की बदहाली के खिलाफ CJP का देशव्यापी शंखनाद, 15 अगस्त से शुरू होगा महा-अभियान, सितंबर से शुरू होगी 'क्या बोलती पब्लिक' यात्रा

सरकारी स्कूलों की बदहाली के खिलाफ CJP का देशव्यापी शंखनाद, 15 अगस्त से शुरू होगा महा-अभियान, सितंबर से शुरू होगी 'क्या बोलती पब्लिक' यात्रा

सरपंच चैलेंज' और 'सोशल ऑडिट' से बदलेगी गांवों के स्कूलों की तस्वीर

कॉकरोच जनता पार्टी 15 अगस्त से ग्रामीण सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए एक बड़ा देशव्यापी अभियान शुरू करने जा रही है। नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक बड़ा आंदोलन करने वाली इस युवा संस्था के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस नए अभियान की आधिकारिक घोषणा की है।

सरपंच चैलेंज' और 'सोशल ऑडिट' से बदलेगी

गांवों के स्कूलों की तस्वीर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि भारत की आजादी के इतने वर्षों बाद भी ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूल सबसे ज्यादा उपेक्षित रहे हैं। दिपके ने सरकार पर तंज कसते हुए सवाल उठाया, "हमने देश में नई संसद बना ली, नया प्रधानमंत्री आवास बना लिया, लेकिन गांवों में किसानों और मजदूरों के बच्चों के लिए अच्छे स्कूल क्यों नहीं बना सके?" इसी को देखते हुए CJP ने ग्रामीण शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर मोर्चा खोलने का फैसला किया है।

महाराष्ट्र के हिंगोली से होगी अभियान की शुरुआत

यह राष्ट्रव्यापी अभियान 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू होगा। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके खुद महाराष्ट्र स्थित अपने पैतृक गांव हिंगोली से इस मुहिम की शुरुआत करेंगे। वे वहां के स्थानीय सरपंच से मिलकर गांव के सरकारी स्कूल की स्थिति को बेहतर बनाने की सीधी मांग करेंगे।

क्या है CJP का 'सरपंच चैलेंज'?

अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए CJP ने देश भर के सरपंचों के सामने 'सरपंच चैलेंज' रखा है। इसके तहत देश के जिन गांवों के सरपंच अपने स्कूल की कमियों को दूर कर उसमें सुधार करेंगे, उनके काम को सराहा जाएगा.CJP अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उस स्कूल की सुधार से 'पहले और बाद' की तस्वीरें शेयर करेगी। अच्छा काम करने वाले सरपंचों को सार्वजनिक रूप से पूरा क्रेडिट और सम्मान दिया जाएगा, ताकि अन्य गांवों के जनप्रतिनिधि भी इससे प्रेरित हों।

अभिभावक खुद करेंगे स्कूलों का 'सोशल ऑडिट'

इस अभियान में आम जनता और माता-पिता की भागीदारी सबसे अहम होगी। CJP ने अभिभावकों से अपील की है कि वे खुद अपने बच्चों के सरकारी स्कूलों में जाएं और वहां बुनियादी सुविधाओं की जांच (सोशल ऑडिट) करें। इसके तहत इन प्रमुख चीजों की निगरानी की जाएगी:

  • स्कूल में बिजली की उपलब्धता
  • साफ और सुरक्षित पीने का पानी
  • छात्र-छात्राओं के लिए चालू हालत में अलग शौचालय
  • मिड-डे मील (मध्यान्ह भोजन) की सही गुणवत्ता

 

डिजिटल फॉर्म और वीडियो के जरिए जुटाए जाएंगे सबूत 

CJP की योजना के मुताबिक, जहां भी स्कूलों में कमियां मिलेंगी, अभिभावक और नागरिक उसका वीडियो सबूत बनाएंगे। इसके लिए CJP जल्द ही एक 'सोशल ऑडिट फॉर्म' जारी करेगी, जिसे डाउनलोड और प्रिंट करके स्कूलों की कमियों का ब्योरा भरा जा सकेगा। इन फॉर्म्स और वीडियो सबूतों को CJP के आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजा जाएगा, जिसके आधार पर प्रशासन और स्थानीय निकायों पर दबाव बनाया जाएगा।

सितंबर से शुरू होगी 'क्या बोलती पब्लिक' यात्रा

15 अगस्त के इस स्कूल सुधार अभियान के तुरंत बाद, CJP सितंबर महीने से पूरे देश में 'क्या बोलती पब्लिक' नामक एक और बड़ा जनसंपर्क अभियान और देशव्यापी दौरा शुरू करने जा रही है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं, छात्रों और आम लोगों के बीच जाकर बेरोजगारी, महंगी होती उच्च शिक्षा और कोचिंग फीस जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करना है। CJP के नेतृत्व ने साफ किया है कि वे चुनावी राजनीति में नहीं उतरेंगे, बल्कि एक स्वतंत्र 'पब्लिक प्रेशर ग्रुप' (जन दबाव समूह) के रूप में काम करते रहेंगे।

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