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The Haryana Story | राव इंद्रजीत पर कैप्टन अजय यादव का बड़ा हमला, बोले- ‘राजाशाही अभी बाकी’, इंसाफ मंच से चुनाव लड़कर दिखाएं

राव इंद्रजीत पर कैप्टन अजय यादव का बड़ा हमला, बोले- ‘राजाशाही अभी बाकी’, इंसाफ मंच से चुनाव लड़कर दिखाएं

केंद्रीय राज्य मंत्री एवं गुरुग्राम सांसद राव इंद्रजीत सिंह के कथित उपेक्षा के आरोपों के बाद दक्षिण हरियाणा की राजनीति गरमाई

गुरुग्राम में आयोजित विभाजन विभीषिका कार्यक्रम को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री एवं गुरुग्राम सांसद राव इंद्रजीत सिंह के कथित उपेक्षा के आरोपों के बाद दक्षिण हरियाणा की राजनीति गरमा गई है। राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक जहां उनके बयान को बेबाकी और अपनी बात खुलकर रखने का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को रेवाड़ी के ऐतिहासिक मोती चौक पर तिरंगा फहराने के बाद पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राव इंद्रजीत सिंह पर जमकर हमला बोला।

‘राव इंद्रजीत में अभी भी राजाशाही बाकी’

रेवाड़ी में गोवंश से जुड़े मामले में दो लोगों की मौत और गुरुग्राम के विभाजन विभीषिका कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन अजय यादव ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह में अभी भी राजाशाही की मानसिकता बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राव न तो आम लोगों की सुनते हैं और न ही पार्टी की बात मानते हैं। कैप्टन अजय यादव ने राव इंद्रजीत सिंह को चुनावी चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें राजनीतिक ताकत है तो वे इंसाफ मंच से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव मैदान में उतरने पर राव इंद्रजीत सिंह की जमानत तक नहीं बच पाएगी।

भाजपा की हार देखकर पलटी की तैयारी

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा को आगामी चुनाव में हार का अंदेशा हो गया है और इसी वजह से राव इंद्रजीत सिंह ने राजनीतिक रुख बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन दक्षिण हरियाणा की राजनीति में जिस तरह के बयान सामने आ रहे हैं, उससे आने वाले दिनों में सियासी टकराव और बढ़ सकता है।

उम्र और टिकट को लेकर भी साधा निशाना

कैप्टन अजय यादव ने राव इंद्रजीत सिंह की उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि वे 75 वर्ष के हो चुके हैं और उन्हें टिकट कटने का डर सता रहा है। उनके मुताबिक इसी वजह से राव इंद्रजीत सिंह घबराए हुए नजर आ रहे हैं। गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी और उसके बाद विपक्षी नेताओं के हमलों ने दक्षिण हरियाणा की सियासत को नया मुद्दा दे दिया है। अब देखना होगा कि इस पूरे विवाद पर भाजपा और राव इंद्रजीत सिंह की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। चुनावी राजनीति से पहले शुरू हुई यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।

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