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The Haryana Story | पत्थर फेंकते हुए वायरल वीडियो पर एसपी ने दी सफाई, हांसी में किसान-पुलिस टकराव में 150-200 लोगों पर केस

पत्थर फेंकते हुए वायरल वीडियो पर एसपी ने दी सफाई, हांसी में किसान-पुलिस टकराव में 150-200 लोगों पर केस

AK-47 होने की बात स्वीकारी, ऐसे हालात में भी इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाता

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान हांसी में किसानों और पुलिस के बीच हुए टकराव को लेकर हांसी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिसार के जीवन हत्याकांड को लेकर गठित कमेटी की ओर से 15 अगस्त के सरकारी कार्यक्रमों को बाधित करने का आह्वान किया गया था। इसके बाद विभिन्न स्थानों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के जरिए हांसी पहुंचे।

पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश

एसपी विनोद कुमार के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर नाके लगाए थे। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया और ट्रैक्टरों के जरिए पुलिस नाकों को तोड़ने तथा पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की गई। इस दौरान करीब पांच से छह पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात एसपी ने कही है। इनमें डीएसपी और सीआईए इंस्पेक्टर भी शामिल बताए गए हैं।

150 से 200 लोगों पर मामला दर्ज

एसपी ने बताया कि पुलिस ने मामले में कई नामजद लोगों के अलावा करीब 150 से 200 महिला-पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस की ओर से सुरेश कोथ, अनिल भालकिया, रोशन लाल पाबड़ा, नरेंद्र कुंडू, रामफल प्रधान, अमरजीत कुंडू, रवि पूर्व सरपंच, अजीत पूनिया, महेंद्र सिहाग, रामकेश, वारिस सिंधु, रोहतास, दयानंद उर्फ दाना दुहन, बेली राम फौजी और शमशेर नंबरदार सहित अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पीडीपीपी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए कई ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को भी जब्त किया है।

एसपी की पत्थर फेंकते हुए वायरल वीडियो पर सफाई

टकराव के दौरान एसपी विनोद कुमार का पत्थर फेंकते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मौके पर काफी भीड़ मौजूद थी। उनके मुताबिक, आंदोलनकारियों की ओर से पथराव किया जा रहा था और भीड़ को तितर-बितर करने तथा पुलिसकर्मियों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस की ओर से भी पत्थर चलाए गए।

AK-47 होने की बात स्वीकारी

एसपी ने पुलिसकर्मियों के पास AK-47 जैसे हथियार होने की बात भी स्वीकार की, लेकिन कहा कि ऐसे हालात में भी इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों के अनुसार कार्रवाई की।

कानून-व्यवस्था बिगाड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी

एसपी विनोद कुमार ने कहा कि 15 अगस्त देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है और सरकारी कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति टोल ब्लॉक करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी।

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