देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रोहतक में कांग्रेस की ओर से प्रभात फेरी निकाली गई। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में निकली प्रभात फेरी में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। इस दौरान हुड्डा ने देश और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को नमन किया। प्रभात फेरी के दौरान दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान पर चौतरफा हमला हो रहा है।
भाजपा सरकार ने देश को विकास की पटरी से उतार दिया
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब 12 वर्षों में भाजपा सरकार ने देश को विकास की पटरी से उतार दिया है। उन्होंने युवाओं और बच्चों के भविष्य को लेकर भी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस पर रोहतक में कांग्रेस की प्रभात फेरी और आजादी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा पहले भी रही है। 2025 में भी दीपेंद्र हुड्डा ने रोहतक में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का मुद्दा उठाया था।
रोहतक की सड़कों और जलभराव पर सरकार को घेरा
दीपेंद्र हुड्डा ने रोहतक में बदहाल सड़कों और जलभराव का मुद्दा उठाते हुए प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विकास के दावों के बावजूद शहर की बुनियादी समस्याएं लोगों के सामने बनी हुई हैं। कांग्रेस सांसद ने प्रदेश सरकार से सड़क, जलनिकासी और शहरी सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की। हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विकास की रफ्तार धीमी हुई है और आम लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
हल्द्वानी में 'शुद्धिकरण हवन' को लेकर भी बीजेपी पर निशाना
दीपेंद्र हुड्डा ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण हवन किए जाने के मामले को भी राजनीतिक मुद्दा बनाया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, खड़गे की 8 अगस्त की सभा के दो दिन बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में गंगाजल और हवन के जरिए 'शुद्धिकरण' किए जाने की घटना सामने आई थी। इस मामले पर राजनीतिक विवाद हुआ और राज्यसभा में भी मुद्दा उठा। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी घटना की आलोचना करते हुए जांच की बात कही थी। इसी संदर्भ में हुड्डा ने कहा कि देश को जात-पात और धर्म की राजनीति से 'शुद्धिकरण' की जरूरत है। उनका निशाना साफ तौर पर भाजपा की राजनीतिक शैली पर था।
कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हरियाणा को देने की मांग
दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी देने की मांग भी दोहराई। उन्होंने खेलों और खिलाड़ियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को निशाने पर लेते हुए कहा कि हरियाणा ने देश को बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं और राज्य में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान बड़ी संख्या में खेल स्टेडियम बनाए गए और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए नीतियां लागू की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने खेल स्टेडियमों के रखरखाव के लिए जरूरी धनराशि तक रोक दी है।
'एक चिड़ी-बल्ला तक नहीं खरीदा'
हुड्डा ने खेल सुविधाओं को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि कई स्थानों पर खेलों के लिए जरूरी सामान तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'एक चिड़ी-बल्ला तक नहीं खरीदा' सरकार ने खिलाड़ियों और खेल मैदानों की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार का पक्ष अलग है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार की ओर से लगातार यह कहा गया है कि हरियाणा खेलों में देश का अग्रणी राज्य है और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाओं, बेहतर प्रशिक्षण तथा खेल अवसंरचना पर काम किया जा रहा है। 30 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में सैनी ने हरियाणा को देश का 'स्पोर्ट्स पावरहाउस' बताया था।
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने जीते 39 पदक
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने रखना जरूरी है। 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स ग्लासगो में हुए, जिनमें भारत ने कुल 39 पदक—13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। हरियाणा के खिलाड़ियों ने भी इन खेलों में भारत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उदाहरण के तौर पर भिवानी की प्रीति पवार और जैस्मिन लाम्बोरिया ने बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीते। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को समर्थन देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
'हमारी सरकार में खिलाड़ियों को नौकरी मिली'
दीपेंद्र हुड्डा ने अपनी सरकार के कार्यकाल की खेल नीति का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां और आर्थिक प्रोत्साहन दिया गया। उन्होंने मौजूदा सरकार के खेल प्रदर्शन से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी के उस कथित बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें पिछली सरकारों के दौरान खिलाड़ियों के पदक नहीं आने की बात कही गई थी। हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री को खेलों के इतिहास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों की जानकारी होनी चाहिए और इस बयान के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस के शासनकाल की खेल नीति का एक उदाहरण 2010 और 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद खिलाड़ियों को दिए गए पुरस्कार और सम्मान हैं। 2010 में हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत के 101 पदकों में बड़ी संख्या में पदक जीते थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार तथा नौकरियों का भरोसा दिया था। 2014 में भी हरियाणा सरकार ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं को बड़े नकद पुरस्कार दिए थे।
संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्र सरकार पर संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और संसद में विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल देश की आजादी का उत्सव नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लेने का भी अवसर है।
युवाओं और बच्चों के भविष्य का मुद्दा उठाया
कांग्रेस सांसद ने युवाओं के रोजगार, शिक्षा और भविष्य को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उनका कहना था कि देश की बड़ी युवा आबादी को रोजगार और बेहतर अवसर चाहिए, लेकिन सरकार की नीतियों से युवाओं में निराशा पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई का मूल उद्देश्य केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं था, बल्कि ऐसा भारत बनाना भी था जहां हर नागरिक को समान अवसर, सम्मान और अधिकार मिलें।
रोहतक की प्रभात फेरी के जरिए कांग्रेस ने एक तरफ स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रभक्ति और तिरंगे से जोड़ा, वहीं दूसरी तरफ लोकतंत्र, संविधान, रोजगार, विकास, खेल और हरियाणा की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की। दीपेंद्र हुड्डा के भाषण में खास तौर पर रोहतक की सड़कें-जलभराव, खेल नीति, खिलाड़ियों को रोजगार, कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, केंद्र सरकार की नीतियां और संसद में विपक्ष की भूमिका जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं दूसरी ओर, भाजपा सरकार लगातार खेलों में हरियाणा की उपलब्धियों और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताती रही है।
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