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The Haryana Story | पेपर लीक से लेकर भर्ती में भ्रष्टाचार तक योगगुरु का हमला- किताबें हैं तो शिक्षक नहीं-जहां शिक्षक हैं वहां किताबें गायब! करोड़ों की 'रिश्वत का खेल’

पेपर लीक से लेकर भर्ती में भ्रष्टाचार तक योगगुरु का हमला- किताबें हैं तो शिक्षक नहीं-जहां शिक्षक हैं वहां किताबें गायब! करोड़ों की 'रिश्वत का खेल’

बाबा रामदेव का बड़ा दावा: सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90-99% तक घोटाला!

योगगुरु बाबा रामदेव ने हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ में मीडिया से बात करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और सरकारी नौकरियों में चल रही घपलेबाज़ी को लेकर एक बड़ा और तीखा हमला बोला है। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी हलचल पैदा कर दी है। बाबा रामदेव ने कहा कि आज देश में चारों तरफ हंगामा और असंतोष का माहौल है। छोटे-छोटे स्कूलों और कॉलेजों से निकलने वाले छात्र शिकायत कर रहे हैं कि उनके यहां शिक्षक, बिजली, पीने का साफ पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तक मौजूद नहीं हैं।

किताबें हैं तो शिक्षक नहीं, और जहाँ शिक्षक हैं वहाँ किताबें गायब

उन्होंने कहा कि कहीं किताबें हैं तो शिक्षक नहीं, और जहाँ शिक्षक हैं वहाँ किताबें गायब हैं। शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर स्कूल-कॉलेज ठीक भी हैं, वहाँ परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाएं आम हो चुकी हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि परीक्षाओं की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो रही है और इससे बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है, जिससे पूरा देश दुखी है।

इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक होता है घोटाला 

बाबा रामदेव ने सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंटरव्यू बोर्ड में बैठे लोग योग्यता को दरकिनार कर केवल अपनी विचारधारा, संस्था, जाति या वर्ग के लोगों को चुन लेते हैं और बाकी प्रतिभावान युवाओं को बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि 10 में से 8 उम्मीदवारों का चयन पहले से तय होता है और इसके लिए 25-50 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की रिश्वत ली जाती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और न्याय के खिलाफ बताया।

'सुधर जाओ, नहीं तो देश में और भी ज़्यादा आंदोलन हो सकते हैं'

बाबा रामदेव ने केंद्र सरकार और व्यवस्था को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा, 'सुधर जाओ, नहीं तो देश में और भी ज़्यादा आंदोलन हो सकते हैं।' उन्होंने साल 2011 में दिल्ली के रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के खिलाफ किए गए अपने आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि अगर ये घपले जल्द ठीक नहीं किए गए, तो बाबा रामदेव को दोबारा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा।

Gen-Z से अपील

व्यवस्था पर गुस्सा ज़ाहिर करने के साथ ही उन्होंने आंदोलन कर रहे युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह आंदोलन के नाम पर किसी भी तरह की अराजकता, हिंसा या तोड़फोड़ का समर्थन नहीं करते। युवाओं को अपने अधिकारों के लिए पूरी ताकत से लड़ना चाहिए, लेकिन हमेशा संविधान और लोकतांत्रिक सीमाओं के दायरे में रहकर ही विरोध प्रदर्शन करना चाहिए।

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