केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'जेन-जी' छात्र आंदोलन और उसके प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके को लेकर एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में कई बड़े दावे किए हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि छात्रों के इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने हाईजैक कर लिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'जेन-जी' छात्र आंदोलन को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का पुरजोर बचाव करते हुए आंदोलन के पीछे छिपे राजनीतिक एजेंडे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर छात्रों के कंधों का इस्तेमाल कर अपनी राजनीति चमकाने का आरोप लगाया है।
'गोली कहां चली?' – पैलेट गन और बल प्रयोग के दावों को नकारा
इंटरव्यू के दौरान किरेन रिजिजू ने विपक्षी नेताओं द्वारा आंदोलनकारियों पर पैलेट गन और अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। रिजिजू ने कहा कि जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी जुटे थे। इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने बेहद संयम से काम लिया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रदर्शन के दौरान न तो एक भी गोली चली और न ही किसी भी प्रदर्शनकारी को कोई गंभीर चोट आई। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई बड़ा आंदोलन कांग्रेस के शासनकाल में हुआ होता, तो वहां हजारों लोगों की जानें चली जातीं।
'जेन-जी' हमारे अपने बच्चे, संवाद में सरकार पीछे नहीं
सोशल मीडिया और जमीन पर सक्रिय नई पीढ़ी यानी 'जेन-जी' के युवाओं पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री का रुख थोड़ा नरम दिखा। रिजिजू ने कहा, जेन-जी हमारे अपने देश के बच्चे हैं और वे हमारे परिवार जैसे माहौल में रहते हैं। उनसे लगातार बातचीत करना और संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्वीकार किया कि छात्रों की चिंताएं और मांगें सही हो सकती हैं, जिन पर सरकार बात करने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ बाहरी ताकतें इन बच्चों को लगातार भड़काने का काम कर रही हैं।
अभिजीत दीपके पर बड़ा दावा: AAP कार्यकर्ता छात्र नेता कैसे बन गए?
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर किरेन रिजिजू ने सबसे बड़ा हमला बोला। रिजिजू ने दावा किया कि अभिजीत दीपके मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं, लेकिन वे पूरी तरह से एक आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। वह अचानक छात्रों के नेता कैसे बन गए?" उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को छात्रों के पीछे छिपकर अपनी गंदी राजनीति नहीं करनी चाहिए। दीपके की 2021 से 2024 तक की पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट भी इस बात की गवाही देती हैं कि वे पूर्व में 'आप' के लिए काम कर चुके हैं।
क्या है जंतर-मंतर 'जेन-जी' और सीजेपी आंदोलन?
दरअसल, 30 वर्षीय पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट अभिजीत दीपके ने एक सोशल मीडिया मजाक के रूप में 'कॉकरोच जनता पार्टी' की शुरुआत की थी, जिसे बाद में हजारों युवाओं का समर्थन मिला। इस संगठन ने जून-जुलाई के दौरान जंतर-मंतर पर एक विशाल छात्र आंदोलन खड़ा किया, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों का भी खुला समर्थन मिला था। फिलहाल यह संगठन राजनीतिक पार्टी न बनकर एक 'प्रेशर ग्रुप' के रूप में गांवों के सरकारी स्कूलों को सुधारने के लिए अभियान चला रहा है।
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