कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि देश के छात्र और युवा अब खुलकर अपनी बात रखने के लिए आगे आ रहे हैं और उनकी इस आवाज व अभिव्यक्ति को अब किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता। राहुल गांधी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी इस जागृत ऊर्जा का इस्तेमाल देश की व्यवस्था में बुनियादी बदलाव लाने के लिए करें। यह बयान उन्होंने नई दिल्ली के जवाहर भवन में अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 'हरा भारत स्वराज' राजीव गांधी के दृष्टिकोण को श्रद्धांजलि' कार्यक्रम के दौरान दिया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और भारी संख्या में युवा मौजूद थे।
छात्र अब खुलकर अपनी बात कह रहे
राहुल गांधी ने छात्रों की बढ़ती मुखरता और देश की वर्तमान स्थिति को लेकर कहा कि अब वह अभिव्यक्ति अचानक सामने आ गई है और इसे रोका नहीं जा सकता। छात्र अब खुलकर अपनी बात कह रहे हैं। सवाल यह है कि यह अभिव्यक्ति देश की शिक्षा प्रणाली को कैसे बदलेगी? हम इस जागरूकता और ऊर्जा का उपयोग आने वाले समय में युवाओं के लिए मौलिक बदलाव करने में कैसे कर सकते हैं?
एक सस्ती शिक्षा प्रणाली, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, एकाधिकार से मुक्त आर्थिक प्रणाली और पंचायतों, विधायकों व सांसदों जैसी संस्थाओं के माध्यम से लोगों तक पहुँचने वाली राजनीतिक प्रणाली के बिना 'स्वराज' हासिल नहीं किया जा सकता। स्वराज का मतलब पश्चिमी स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि इसका अर्थ 'खुद पर शासन' है। भारत में वैचारिक लड़ाई इस बात पर है कि क्या व्यवस्था को नियंत्रित करने वाला एक छोटा सा समूह हर किसी के लिए सच जानने का दावा कर सकता है? यह लड़ाई लगातार जारी है।
केंद्र सरकार और भाजपा-आरएसएस पर तीखे आरोप
विपक्ष के नेता ने केंद्र सरकार की नीतियों और विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस एक ऐसा भारत चाहती है जहाँ धर्म, जाति, उम्र या लिंग की परवाह किए बिना हर व्यक्ति खुद को सम्मानित महसूस करे और उसमें अपनेपन की भावना हो। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा अल्पसंख्यक समुदायों को हाशिए पर धकेला जा रहा है। आदिवासियों की ज़मीनें छीनी जा रही हैं और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।दलितों के खिलाफ हो रहे जातिगत उत्पीड़न को रोकने में सरकार नाकाम रही है।राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि देश के भविष्य के लिए इन सभी नीतियों और ताकतों को पीछे धकेलना बेहद ज़रूरी है।
शिक्षा और परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए छात्र आंदोलनों जैसे झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा विवाद और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक देश में एक पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली नहीं होगी, तब तक युवाओं के साथ न्याय नहीं हो सकता। महात्मा गांधी के 'स्वराज' के सपने को तभी पूरा किया जा सकता है जब सरकार युवाओं के लिए अपने दरवाजे खोले और देश उन्हें आगे बढ़ने में मदद करे।
related
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
दुष्यंत ने सैनी सरकार पर लगाए 'फिजूलखर्ची' के आरोप, बोले - करोड़ों का हेलीकॉप्टर बना 'सफेद हाथी', जनता के टैक्स की बर्बादी
अहीरवाल की 'सियासी जंग' तेज़: राव नरवीर ने नायब सैनी को दिया 'मास्टरस्ट्रोक' सुझाव, राव इंद्रजीत पर साधा कड़ा निशाना
Latest stories
CISF की जांबाज खिलाड़ी ने चीन में गाड़ा जीत का झंडा, रितु श्योराण की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
फिरोजपुर झिरका में सीवर की जहरीली गैस ने छीनी दो मजदूरों की जिंदगी, ठेकेदार फरार, जिम्मेदार कौन?