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The Haryana Story | होमवर्क न करने पर 'टीचर का टॉर्चर' थप्पड़ और खौफ के बाद 6 साल के मासूम की क्लास में ही मौत!

होमवर्क न करने पर 'टीचर का टॉर्चर' थप्पड़ और खौफ के बाद 6 साल के मासूम की क्लास में ही मौत!

अत्यधिक डर और गहरे सदमे के कारण दिल का दौरा पड़ने की आशंका, पुलिस ने टीचर को हिरासत में लिया

विशाखापट्टनम के वन टाउन इलाके में स्थित लिटिल गार्डन स्कूल में 20 अगस्त को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। यूकेजी में पढ़ने वाला 6 साल का मासूम छात्र प्रणय तेजा सुबह हंसता-खेलता स्कूल गया था। क्लास के दौरान जब शिक्षिका अनुराधा ने बच्चों का होमवर्क चेक करना शुरू किया, तो प्रणय का होमवर्क पूरा नहीं था। आरोप है कि इस बात से नाराज होकर शिक्षिका ने बच्चे को बुरी तरह डराना और डांटना शुरू कर दिया।

थप्पड़ लगते ही बच्चा खौफ से रोने लगा

जब बच्चा काफी देर तक डर के मारे चुप रहा, तो शिक्षिका ने सबके सामने उसे अपमानित करने के लिए उसके शर्ट के बटन उतारने की कोशिश की और उसे जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़ लगते ही बच्चा खौफ से रोने लगा, उसे तेज खांसी आई और वह कुछ ही सेकंड में बेहोश होकर शिक्षिका की ही गोद और फिर जमीन पर गिर पड़ा। स्कूल प्रशासन आनन-फानन में बच्चे को नजदीकी किंग जॉर्ज हॉस्पिटल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे 'ब्रॉट डेड' यानी अस्पताल लाने से पहले ही मृत घोषित कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ खौफनाक मंजर

यह पूरी घटना क्लासरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में लाइव रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शिक्षिका बच्चे को डरा रही है। बच्चा खौफ के मारे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता नजर आ रहा है। इसके बाद जैसे ही शिक्षिका उस पर हाथ उठाती है, बच्चा बुरी तरह कांपने लगता है और चेहरा आगे की तरफ करके सीधे गिर पड़ता है।

पीड़ित परिवार के गंभीर आरोप

मासूम प्रणय की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार और रिश्तेदारों ने किंग जॉर्ज अस्पताल और स्कूल के बाहर भारी हंगामा और प्रदर्शन किया। पिता का कहना है कि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ था। स्कूल की सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि टीचर ने बच्चे को छड़ी से भी मारा और इतना डरा दिया कि सदमे से उसकी जान चली गई।

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही

परिवार का आरोप है कि घटना सुबह करीब 11:00 बजे की है, लेकिन स्कूल प्रशासन ने उन्हें काफी देर बाद सूचना दी, जिससे बच्चे को समय पर सही इलाज नहीं मिल सका। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में अन्य छोटे बच्चों को भी इसी तरह प्रताड़ित और शारीरिक दंड दिया जाता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार और पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। पुलिस ने पीड़ित माता-पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी शिक्षिका को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली मेडिकल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक मानसिक तनाव और पैनिक की वजह से कार्डियक अरेस्ट आने की संभावना प्राथमिक तौर पर लग रही है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विभागीय समिति का गठन किया गया है। आंध्र प्रदेश के शिक्षा और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और आश्वासन दिया है कि आरोपी शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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