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The Haryana Story | चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा हड़कंप; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मचा हड़कंप; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप

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भारतीय जनता पार्टी के चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कार्यालय को शुक्रवार, 21 अगस्त को धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। भाजपा कार्यालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजे गए संदेश में 21 अगस्त को पंजाब बंद रखने की मांग की गई और बंद नहीं रखने वाले शहरों में बम धमाके करने की धमकी दी गई। ई-मेल में 31 अगस्त को स्कूल बंद रखने तथा दिलावर सिंह बब्बर को याद करने की अपील भी की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।

भाजपा कार्यालय को भी निशाना बनाने की धमकी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, धमकी भरे संदेश में भाजपा के चंडीगढ़ कार्यालय को बम धमाके का निशाना बनाने की बात भी कही गई। रिपोर्ट में संदेश भेजे जाने का समय दोपहर करीब 1:11 बजे बताया गया है। हालांकि, धमकी की वास्तविकता और ई-मेल भेजने वाले की पहचान की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। ई-मेल में ‘21 अगस्त पंजाब बंद’ और ‘31 अगस्त स्कूल बंद’ जैसे संदेश लिखे होने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के नाम का उल्लेख और कुछ प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े नामों का संदर्भ होने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है।

21 अगस्त को पंजाब बंद की मांग, खुले शहरों में धमाके की चेतावनी

ई-मेल में दावा किया गया कि 21 अगस्त को पंजाब बंद रखा जाए। संदेश में चेतावनी दी गई कि जो शहर बंद नहीं रहेंगे, वहां बम धमाके किए जाएंगे। इस धमकी के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित संवेदनशील स्थानों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। धमकी में 31 अगस्त को स्कूल बंद रखने की भी अपील की गई है। इसी तारीख को 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या चंडीगढ़ में बम विस्फोट के जरिए की गई थी। उस हमले में दिलावर सिंह ने आत्मघाती हमलावर की भूमिका निभाई थी और बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हुई थी।

खालिस्तान समर्थक संदर्भों से बढ़ी संवेदनशीलता

रिपोर्टों के मुताबिक, धमकी भरे ई-मेल में खालिस्तान समर्थक नारे और खालिस्तान नेशनल आर्मी (KNA) तथा बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े बताए गए कुछ नामों का भी उल्लेख किया गया है। ई-मेल में विस्फोटक और आईईडी से संबंधित दावे भी किए गए हैं। हालांकि, इन दावों से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि संदेश भेजने वाला वास्तव में किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा है। जांच एजेंसियां इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही हैं।

ई-मेल की तकनीकी जांच शुरू सुरक्षा

एजेंसियों का मुख्य फोकस अब ई-मेल के तकनीकी स्रोत का पता लगाने पर है। जांच में ई-मेल आईडी, डिजिटल ट्रेल, संदेश भेजे जाने की तकनीकी जानकारी और उसमें इस्तेमाल की गई भाषा समेत अन्य उपलब्ध सुरागों को खंगाला जा रहा है। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी किसी वास्तविक आतंकी नेटवर्क से जुड़ी है या किसी व्यक्ति ने फर्जी पहचान के जरिए दहशत फैलाने के उद्देश्य से संदेश भेजा है। धमकी की विश्वसनीयता का आकलन भी जांच का अहम हिस्सा है। फिलहाल ई-मेल में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 

भाजपा कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई

धमकी मिलने के बाद भाजपा कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। इससे पहले भी पंजाब में भाजपा से जुड़े परिसरों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अप्रैल 2026 में चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर कम तीव्रता का विस्फोट हुआ था। जुलाई 2026 में संगरूर स्थित भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना भी सामने आई थी। इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में ताजा धमकी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। हालांकि, मौजूदा ई-मेल और पहले हुई घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ई-मेल किसने भेजा और उसका वास्तविक मकसद क्या है ?

जांच एजेंसियों की नजर ई-मेल भेजने वाले पर फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि धमकी भरा ई-मेल किसने भेजा और उसका वास्तविक मकसद क्या है। सुरक्षा एजेंसियां संदेश में इस्तेमाल किए गए नामों, संगठनों के संदर्भों और डिजिटल सुरागों की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी वास्तविक हमले की योजना का हिस्सा थी या किसी ने जानबूझकर भय का माहौल पैदा करने के लिए फर्जी संदेश भेजा। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से लोगों को किसी भी अफवाह या अपुष्ट सूचना पर भरोसा नहीं करने और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई है। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और धमकी की गंभीरता तथा विश्वसनीयता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

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