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The Haryana Story | कृष्णपाल गुर्जर का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘अब मुस्लिम लीग कांग्रेस कहें तो बेहतर होगा’

कृष्णपाल गुर्जर का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘अब मुस्लिम लीग कांग्रेस कहें तो बेहतर होगा’

गुर्जर ने 1937 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम् को दो छंदों तक सीमित किया गया था

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि कांग्रेस अब ‘मुस्लिम लीग’ हो गई है और इसे ‘मुस्लिम लीग कांग्रेस’ कहा जाए तो बेहतर होगा। गुर्जर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की राष्ट्रीय भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।

कांग्रेस अब ‘मुस्लिम लीग’ हो गई

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि कांग्रेस अब ‘मुस्लिम लीग’ हो गई है और इसे ‘मुस्लिम लीग कांग्रेस’ कहा जाए तो बेहतर होगा। गुर्जर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की राष्ट्रीय भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। कृष्णपाल गुर्जर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब वंदे मातरम् के गायन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज है। कांग्रेस कार्यसमिति ने 19 अगस्त 2026 को अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो छंद गाने के 1937 के फैसले पर कायम रहने की बात कही थी।

पहले दो छंदों के गायन की सिफारिश की थी

गुर्जर ने 1937 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम् को दो छंदों तक सीमित किया गया था। हालांकि, ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने राष्ट्रीय सभाओं में वंदे मातरम् के केवल पहले दो छंदों के गायन की सिफारिश की थी। इसके पीछे गीत के बाद के छंदों में मौजूद धार्मिक संदर्भों को लेकर उठी आपत्तियां भी एक प्रमुख कारण थीं। गुर्जर ने कहा कि जिन्ना के नेतृत्व वाली मुस्लिम लीग ने धर्म के आधार पर देश के विभाजन की राजनीति की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज मुस्लिम लीग का कोई नेतृत्व नहीं होने के बावजूद कांग्रेस उसी दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

राहुल गांधी के धरने पर भी साधा निशाना

केंद्रीय राज्य मंत्री ने राहुल गांधी के थाने के बाहर प्रदर्शन को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी के नेता का थाने के बाहर धरने पर बैठना उचित नहीं है। जिस मामले को लेकर राहुल गांधी प्रदर्शन कर रहे हैं, उसकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से कमेटी बनाई गई है। ऐसे में थाने के बाहर धरना देने का क्या औचित्य है। गुर्जर ने कांग्रेस नेताओं को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए कहा कि विपक्षी दल को लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर भरोसा रखना चाहिए।

DND-KMP लिंक से फरीदाबाद को राहत की उम्मीद

कृष्णपाल गुर्जर ने दिल्ली के सराय काले खां से DND-KMP लिंक के ट्रायल के तौर पर खोले जाने को फरीदाबाद और पलवल के लोगों के लिए बड़ी राहत बताया। उनका कहना है कि इस कनेक्टिविटी से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों का सफर आसान होगा और फरीदाबाद से सराय काले खां तक पहुंचने का समय काफी कम हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे बदरपुर बॉर्डर, आश्रम और कालिंदी कुंज की तरफ जाने वाले मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। 

सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने की कई परियोजनाओं पर काम चल रहा

गुर्जर ने परियोजना पर छह हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की बात कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। इस क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने की कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मई 2026 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली के आश्रम से बदरपुर फ्लाईओवर तक करीब 7 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के निर्माण को मंजूरी दी थी, जिसकी अनुमानित लागत 7,500 करोड़ रुपये बताई गई थी और निर्माण 1 दिसंबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई थी।

दिसंबर से काम शुरू किए जाने की योजना

जेवर एयरपोर्ट और नमो भारत कनेक्टिविटी पर भी जोर गुर्जर ने कहा कि आने वाले समय में फरीदाबाद को जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, मंझावली पुल और नमो भारत/RRTS जैसी परियोजनाओं का भी लाभ मिलेगा। दिल्ली-फरीदाबाद-वल्लभगढ़-पलवल नमो भारत कॉरिडोर का प्रस्ताव सराय काले खां से शुरू होकर फरीदाबाद और पलवल तक जाने वाला है। हालांकि, इसके अंतिम रूट और स्टेशनों में डीपीआर व अंतिम मंजूरी के दौरान बदलाव संभव हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आश्रम से सराय ख्वाजा तक जाम की समस्या को कम करने के लिए दिसंबर से काम शुरू किए जाने की योजना है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फरीदाबाद की दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी मजबूत होगी और रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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