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The Haryana Story | मंथन 4 युवा' कार्यक्रम में बोले महाराष्ट्र के सीएम- फ़िल्मों जैसा आसान नहीं असल जिंदगी में 'मुख्यमंत्री' बनना, नायक फिल्म का किया ज़िक्र

मंथन 4 युवा' कार्यक्रम में बोले महाराष्ट्र के सीएम- फ़िल्मों जैसा आसान नहीं असल जिंदगी में 'मुख्यमंत्री' बनना, नायक फिल्म का किया ज़िक्र

लोकतंत्र और संविधान की ताकत-लोकतंत्र के कारण ही एक चाय बेचने वाला बच्चा देश का प्रधानमंत्री बना

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में आयोजित एक युवा कार्यक्रम 'मंथन 4 युवा' के दौरान यह बयान दिया कि "फिल्मो में अनिल कपूर एक दिन के लिए सीएम बने थे, लेकिन असल जिंदगी में यह इतना आसान नहीं है; यह भारत के लोकतंत्र और संविधान की ताकत है कि एक आम इंसान मुख्यमंत्री बन सकता है और गुजरात के रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाला बच्चा देश का प्रधानमंत्री बन सकता है।

फडणवीस ने बेहद रोचक अंदाज में जवाब दिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में आयोजित 'मंथन 4 युवा' कार्यक्रम में जेनरेशन जेड के युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। इस संवाद सत्र के दौरान जब एक युवा ने उनसे राजनीति में आने और मुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछा, तो फडणवीस ने बेहद रोचक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फिल्मों में अनिल कपूर (नायक फिल्म का जिक्र करते हुए) एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बन जाते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में यह सफर इतना आसान नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ भारत के मजबूत लोकतंत्र और देश के संविधान की ही खूबसूरती है, जो एक साधारण पृष्ठभूमि के व्यक्ति को शीर्ष पदों पर पहुंचने का अधिकार देती है।

मुझ जैसा साधारण व्यक्ति सीएम बना और चाय बेचने वाला पीएम

मुख्यमंत्री फडणवीस ने युवाओं को प्रेरित करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खुद का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा "यह भारत का लोकतंत्र है जिसने मुझ जैसे एक अत्यंत साधारण व्यक्ति को, जिसने कभी नगरसेवक (कॉर्पोरेटर) बनने की भी कल्पना नहीं की थी, उसे राज्य के सर्वोच्च पद 'मुख्यमंत्री' तक पहुंचा दिया। इसी तरह, गुजरात के रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाला एक बच्चा (पीएम नरेंद्र मोदी) आज हमारे देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। अगर कोई व्यक्ति पूरी लगन और निष्ठा के साथ अपना लक्ष्य तय कर ले, तो हमारा संविधान उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता।

शुरुआती राजनीतिक सफर को किया याद: 'सोचा था हमेशा विपक्ष में ही रहूंगा'

अपने शुरुआती राजनीतिक दिनों का जिक्र करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह किसी पद के लालच में नहीं, बल्कि अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता के कारण राजनीति में आए थे। जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब उनकी पार्टी मजबूत स्थिति में नहीं थी और विपक्ष में बैठती थी। उन्हें लगता था कि वे शायद जीवनभर विपक्ष की ही राजनीति करेंगे, लेकिन जनता ने उन पर विश्वास दिखाया और वे धीरे-धीरे एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे।

राम जन्मभूमि आंदोलन और जेल यात्रा

फडणवीस ने अपने पुराने संघर्षों को याद करते हुए बताया कि मात्र 20 साल की उम्र में वे राम जन्मभूमि आंदोलन का हिस्सा बनने प्रयागराज से अयोध्या की ओर निकले थे। वहां हुए लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के बाद उन्होंने बदायूं सेंट्रल जेल में 18 दिन बिताए थे। उन्होंने गर्व से कहा कि साल 1992 में विवादित ढांचा ढहाए जाने के समय भी वह वहां उपस्थित थे।

टीयर-3 शहरों के युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा एलान

राजनीति के अलावा सीएम फडणवीस ने युवाओं के लिए राज्य सरकार के विजन को भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस नीति तैयार की है। इसके तहत बड़े पैमाने पर फंड और इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि देश के किसी भी छोटे या टीयर-3 शहर का कोई साधारण बच्चा एक बेहतरीन और नया आइडिया लेकर आता है, तो सरकार उसे व्यावसायिक उत्पाद में बदलने के लिए 100% आर्थिक और तकनीकी समर्थन देगी।

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