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The Haryana Story | 'हमारे भरोसे को कमजोरी ना समझे सरकार'; केंद्र के आश्वासनों की समीक्षा के लिए CJP की बड़ी बैठक, फिर आंदोलन का विकल्प खुला!!

'हमारे भरोसे को कमजोरी ना समझे सरकार'; केंद्र के आश्वासनों की समीक्षा के लिए CJP की बड़ी बैठक, फिर आंदोलन का विकल्प खुला!!

जुलाई में हुए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के बाद अब एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है

केंद्र सरकार द्वारा युवाओं से किए गए वादों पर ठोस कदम न उठाने के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। सीजेपी ने केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि 'हमारे भरोसे और संयम को हमारी कमजोरी न समझा जाए'। पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने लिखित आश्वासनों को जल्द पूरा नहीं किया, तो देश भर में दोबारा एक बड़ा और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करने का विकल्प पूरी तरह खुला है।

एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही

देश के युवाओं और छात्रों के अधिकारों की मांग को लेकर जुलाई में हुए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के बाद अब एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। कॉकरोच जनता पार्टी सोमवार को अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बड़ी बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेते समय केंद्र सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना रहा। सीजेपी का आरोप है कि सरकार की तरफ से अभी तक उन वादों को पूरा करने के लिए कोई औपचारिक संवाद या ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

सरकार को CJP की दोटूक चेतावनी: "विश्वासघात बर्दाश्त नहीं"

पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ताओं ने सरकार को आगाह किया है कि आंदोलन को वापस लेना देश के युवाओं की भलाई और सरकार पर जताए गए भरोसे का प्रतीक था। CJP ने कड़े शब्दों में कहा हमारा यह कदम सरकार के प्रति हमारी सद्भावना थी, इसे हमारी कमजोरी न समझा जाए। सड़कों के खाली होते ही सरकार को एक पूरी पीढ़ी के साथ किए गए वादों से मुकर जाने या उन्हें टालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर ऐसा हुआ तो इसे देश के युवाओं के साथ 'विश्वासघात' माना जाएगा।

क्या थे सरकार के प्रमुख लिखित आश्वासन?

CJP ने याद दिलाया कि 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के साथ एक समझौते के बाद आंदोलन स्थगित किया गया था। सरकार ने लिखित भरोसा दिया था कि आंदोलन के दौरान देश भर में छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई सभी FIR को तुरंत वापस या रद्द किया जाएगा और भविष्य में किसी भी छात्र या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई प्रतिशोधात्मक या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। मई में पेपर लीक के चलते NEET-UG परीक्षा रद्द होने के बाद जिन छात्रों ने हताशा में आत्महत्या कर ली थी, उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। CJP द्वारा सौंपे गए 5-सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर पर सरकार आगे कदम उठाएगी।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और सरकार का रुख

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से देश भर में छात्रों पर दर्ज FIR की पूरी सूची मांगी थी, ताकि शीर्ष अदालत आर्टिकल 142 के तहत उन मामलों को रद्द करने पर विचार कर सके। CJP का आरोप है कि अदालत द्वारा तीन बार कहे जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने यह सूची सौंपने को लेकर कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं दिखाई है। आज हुई इस राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में CJP आगामी रणनीति करते हुए संगठन ने अपने सभी समर्थकों, कार्यकर्ताओं, छात्रों और वॉलंटियर्स को हाई अलर्ट पर रहने और आज की बैठक के नतीजों के आधार पर अगले दौर के राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

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