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The Haryana Story | दीपेंद्र हुड्डा के बचाव में उतरे कुलदीप वत्स, बोले- ‘बीजेपी IT सेल कर रही बदनाम करने की साजिश’

दीपेंद्र हुड्डा के बचाव में उतरे कुलदीप वत्स, बोले- ‘बीजेपी IT सेल कर रही बदनाम करने की साजिश’

सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताया तो सबूत दिखाएं

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स खुलकर उनके बचाव में उतर आए हैं। सोमवार को अपने हसनपुर स्थित निवास पर पत्रकारों से बातचीत में वत्स ने भाजपा की आईटी सेल पर दीपेंद्र हुड्डा को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए और किसी भी विवाद को समाज में नफरत फैलाने का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए।

सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताया तो सबूत दिखाएं

दीपेंद्र हुड्डा पर दिवंगत कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को कथित तौर पर ‘रोल मॉडल’ या ‘आदर्श’ बताने को लेकर उठे विवाद पर कुलदीप वत्स ने कहा कि अगर दीपेंद्र हुड्डा ने कहीं भी सज्जन कुमार को अपना रोल मॉडल या आइडियल बताया है तो उसका प्रमाण सामने लाया जाए। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि ऐसा साबित हो जाता है तो वह राजनीति से संन्यास लेने के लिए तैयार हैं।

दरअसल, 23 अगस्त को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) से हटाने की मांग की थी। शर्मा ने आरोप लगाया था कि सज्जन कुमार को लेकर हुड्डा की टिप्पणी से सिख समुदाय में नाराजगी पैदा हुई है और इसका राजनीतिक नुकसान कांग्रेस को हो सकता है।

कुलदीप शर्मा के पत्र पर वत्स का पलटवार

कुलदीप वत्स ने कुलदीप शर्मा की ओर से लिखे गए पत्र पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें मनभेद में नहीं बदलना चाहिए। वत्स के मुताबिक, कुलदीप शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं। यदि किसी मुद्दे पर शिकायत थी तो उसे पार्टी के भीतर नेतृत्व के सामने रखा जाना चाहिए था, सार्वजनिक बयानबाजी के जरिए विवाद को बढ़ाना उचित नहीं है।

‘कौम और धर्म बुरा नहीं होता, कुछ लोग बुरे हो सकते हैं’

सिख समुदाय से जुड़े विवाद पर वत्स ने कहा कि किसी भी कौम या धर्म को गलत ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “कौम और धर्म कभी बुरा नहीं होता, कुछ लोग बुरे हो सकते हैं।” उन्होंने दावा किया कि दीपेंद्र हुड्डा ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उनकी बात से किसी साथी को ठेस पहुंची है तो वह उसके लिए क्षमा मांगते हैं और उनका किसी समाज के प्रति द्वेष नहीं है। वत्स ने कहा कि हुड्डा परिवार के सिख समाज के लोगों के साथ लंबे समय से संबंध रहे हैं और सिख समुदाय के बलिदान एवं वीरता का सम्मान किया जाता है।

‘हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सब भाई-भाई’

जाति और धर्म की राजनीति पर निशाना साधते हुए विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भाई-भाई हैं। उनके मुताबिक राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटना लोकतांत्रिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से गलत है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जिनसे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों। वत्स ने कहा कि नफरत फैलाने वाली राजनीति से न तो कोई पार्टी मजबूत होती है और न ही समाज।

कांग्रेस नेता भी नफरत की भाषा बोलेगा तो पार्टी मजबूत नहीं होगी

कुलदीप वत्स ने अपने बयान में कांग्रेस नेताओं को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का कोई नेता या कांग्रेस का कोई नेता नफरत की भाषा बोलता है तो इससे कांग्रेस या समाज मजबूत नहीं होगा। उन्होंने राजनीतिक दलों से जाति और धर्म के बजाय भाईचारे तथा सामाजिक एकता की राजनीति करने की अपील की।

दीपेंद्र हुड्डा की कथित टिप्पणी के बाद तेज हुआ विवाद

सज्जन कुमार को लेकर दीपेंद्र हुड्डा की कथित टिप्पणी के बाद तेज हुआ है। 23 अगस्त को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर हुड्डा को CWC से हटाने की मांग की थी। शर्मा ने अपने पत्र में सिख समुदाय में नाराजगी का दावा करते हुए इसे आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिहाज से कांग्रेस के लिए नुकसानदेह बताया था। इसके बाद कुलदीप वत्स का बयान कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर सामने आया एक अलग रुख है। उन्होंने पूरे विवाद को राजनीतिक रूप से तूल दिए जाने का आरोप लगाते हुए दीपेंद्र हुड्डा का बचाव किया और समाज में जाति-धर्म के नाम पर नफरत नहीं फैलाने की अपील की।

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