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The Haryana Story | चंडीगढ़ में कांग्रेस का ‘चीनी लंगर’, महंगाई के खिलाफ अनोखे प्रदर्शन से गरमाई सियासत!!

चंडीगढ़ में कांग्रेस का ‘चीनी लंगर’, महंगाई के खिलाफ अनोखे प्रदर्शन से गरमाई सियासत!!

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चीनी के दाम बढ़ने से आम परिवारों के रसोई बजट पर सीधा असर पड़ा है

बढ़ती महंगाई और चीनी के बढ़ते दामों के विरोध में चंडीगढ़ कांग्रेस ने बुधवार को सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन के बाहर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। कांग्रेस की ओर से यहां ‘चीनी का लंगर’ लगाया गया, जहां लोगों को मुफ्त चीनी के पैकेट वितरित किए गए। बड़ी संख्या में लोग चीनी लेने के लिए मौके पर पहुंचे। चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार का ध्यान रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों की ओर आकर्षित करना था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चीनी के दाम बढ़ने से आम परिवारों के रसोई बजट पर सीधा असर पड़ा है।

चीनी के पैकेट लेकर पहुंचे कांग्रेसी

कार्यक्रम के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से चीनी के पैकेट तैयार करके लाए थे। मौके पर लोगों की भीड़ जुटी और कार्यकर्ताओं ने उन्हें चीनी वितरित की। कार्यक्रम में आधा किलो के पैकेट बांटे जा रहे थे। वहीं अन्य मीडिया रिपोर्टों में कांग्रेस की ओर से एक किलो के पैकेट और बड़ी मात्रा में चीनी लाने का दावा किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि पार्टी की ओर से बड़ी मात्रा में चीनी बांटने की योजना है और भविष्य में महंगाई के खिलाफ इसी तरह आवश्यक वस्तुओं के लंगर भी लगाए जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है। 

सरकार के आंकड़ों में भी चीनी के दाम बढ़े

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार के आंकड़े भी सामने आए हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को चीनी की कीमत ₹48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त 2026 को बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो हो गई। यानी करीब एक महीने में औसत कीमत में लगभग ₹7.50 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज हुई। सरकार ने कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों से पहले बढ़ती मांग, मौसम के कारण गन्ने की फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी और कुछ हिस्सों में जमाखोरी व सट्टेबाजी जैसे कारण बताए हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए बाजार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 

सरकार ने भी उठाए कई कदम

केंद्र सरकार के मुताबिक, चीनी डीलरों के लिए 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक 400 टन की स्टॉक लिमिट लागू की गई है। इसके अलावा 1 सितंबर से थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की खपत से अधिक चीनी रखने पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति देने की भी घोषणा की है। साथ ही जमाखोरी और कृत्रिम कमी की जांच के लिए चीनी मिलों में स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। 

कांग्रेस बोली- महंगाई से बिगड़ रहा घरेलू बजट

चंडीगढ़ कांग्रेस का कहना है कि चीनी जैसी रोजमर्रा की वस्तु के दाम बढ़ने का असर सीधे आम परिवार की जेब पर पड़ता है। पार्टी ने केंद्र सरकार से कीमतों को नियंत्रित करने के लिए और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इससे पहले हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी चीनी और गुड़ की कीमतों में बढ़ोतरी को आम लोगों के लिए चिंता का विषय बताया था। उन्होंने सरकार से कीमतों में वृद्धि के कारण स्पष्ट करने की मांग की थी। फिलहाल चंडीगढ़ में कांग्रेस का ‘चीनी लंगर’ महंगाई के मुद्दे पर राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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