loader
The Haryana Story | 27 अगस्त को विधानसभा में आमने-सामने होंगे भाजपा-कांग्रेस, तीखी बहस के आसार, सदन में गरमाएगी सियासत

27 अगस्त को विधानसभा में आमने-सामने होंगे भाजपा-कांग्रेस, तीखी बहस के आसार, सदन में गरमाएगी सियासत

तीन दिन के प्रस्तावित सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर देखने को मिल सकता है टकराव

प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। गुरुवार, 27 अगस्त को विधानसभा में सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच तीखी बहस के आसार हैं। इनेलो भी अपने मुद्दों के साथ सरकार को घेरने की तैयारी में है। तीन दिन के प्रस्तावित सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर टकराव देखने को मिल सकता है। हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त को सुबह 11 बजे शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक पहले दिन शोक प्रस्तावों, सदन के पटल पर दस्तावेज रखने तथा प्रश्नकाल और विधायी कार्यवाही से जुड़े विषयों पर कामकाज होगा। विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर 27 अगस्त के तारांकित और अतारांकित प्रश्नों की सूची भी जारी की जा चुकी है।

31 अगस्त और 1 सितंबर को फिर बैठेगा सदन

सत्र के मौजूदा टेंटेटिव कार्यक्रम के अनुसार 28 अगस्त को रक्षाबंधन के राजपत्रित अवकाश के कारण सदन नहीं बैठेगा, जबकि 29 और 30 अगस्त को शनिवार-रविवार होने के कारण अवकाश रहेगा। इसके बाद विधानसभा की बैठक 31 अगस्त को फिर प्रस्तावित है। 31 अगस्त को 2026-27 के प्रथम अनुपूरक अनुमानों पर चर्चा और मतदान के साथ अन्य विधायी कार्य होने की संभावना है। वहीं 1 सितंबर को हरियाणा के अनुपूरक अनुमानों से संबंधित विनियोग विधेयक के साथ अन्य विधायी कामकाज प्रस्तावित है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम पर बुधवार को होने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में मुहर लगेगी।

कांग्रेस ने सरकार को घेरने की बनाई रणनीति

विपक्षी कांग्रेस ने विधानसभा सत्र के लिए सरकार को घेरने की तैयारी तेज कर दी है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भर्तियों, कानून-व्यवस्था, महंगाई और SIR समेत कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में सदन के भीतर विपक्ष इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाता दिखाई दे सकता है। कांग्रेस की ओर से सरकार की नीतियों और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है। खासकर रोजगार, कानून-व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

भाजपा भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने को तैयार

वहीं सत्ता पक्ष भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी में है। भाजपा सरकार की ओर से अपने कामकाज और उपलब्धियों को सदन में मजबूती से रखने तथा विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है। ऐसे में विधानसभा का यह छोटा सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इनेलो भी दिखाएगा तेवर

90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक, कांग्रेस के 37 विधायक, इनेलो के 2 विधायक और 3 निर्दलीय विधायक हैं। इनेलो की ओर से भी सदन में किसानों, कानून-व्यवस्था और प्रदेश से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाने की तैयारी है। BAC में इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। इससे संकेत है कि इनेलो भी सदन में अपनी मौजूदगी और मुद्दों को प्रभावी तरीके से रखने की कोशिश करेगा।

तीन दिन के सत्र में हंगामे के आसार

सत्र की अवधि भले ही सीमित है, लेकिन मुद्दों की लंबी सूची के चलते विधानसभा में सियासी तापमान बढ़ने के आसार हैं। एक तरफ सरकार विधायी कामकाज और अनुपूरक बजट से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाना चाहेगी, तो दूसरी ओर विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की कोशिश करेगा। ऐसे में 27 अगस्त का पहला दिन खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के तेवर से यह स्पष्ट हो सकता है कि आगामी तीन बैठकों में विधानसभा की कार्यवाही कितनी शांत रहती है और कितनी बार हंगामे के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं। फिलहाल सबसे बड़ा फैसला आज BAC की बैठक में होगा, जहां यह तय होगा कि सदन में किस मुद्दे पर कितने समय तक चर्चा होगी और विधायी कामकाज का अंतिम क्रम क्या रहेगा। इसके बाद कल से विधानसभा में सरकार और विपक्ष आमने-सामने होंगे।

Join The Conversation Opens in a new tab
×