loader
The Haryana Story | कृति सेनन के बयान पर राहुल गांधी को अनिल विज का जवाब, बोले- ‘कपड़ों की आजादी के साथ धर्म-परंपरा का सम्मान भी जरूरी’

कृति सेनन के बयान पर राहुल गांधी को अनिल विज का जवाब, बोले- ‘कपड़ों की आजादी के साथ धर्म-परंपरा का सम्मान भी जरूरी’

रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर उठे विवाद में सियासी बयानबाजी हुई तेज

अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर उठे विवाद में अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा कृति सेनन के समर्थन में बयान दिए जाने पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने तीखा पलटवार किया है। विज ने कहा कि भारत में महिलाओं को अपनी पसंद के कपड़े पहनने की पूरी आजादी है, लेकिन इसके साथ देश के धर्म, संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करना भी जरूरी है।

महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद

राहुल गांधी ने 25 अगस्त को कृति सेनन की सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए कहा था कि महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। उन्होंने महिलाओं को उनकी पसंद के लिए ट्रोल नहीं करने की बात कही थी। राहुल गांधी का यह बयान कृति सेनन के उस जवाब के बाद आया था, जिसमें अभिनेत्री ने कहा था कि त्योहारों का सार कपड़ों में नहीं बल्कि उनसे जुड़ी भावनाओं और परंपराओं में होता है।

‘राखी भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार’

अनिल विज ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर किस तरह की पोशाक होनी चाहिए, यह देश की बहनें अच्छी तरह जानती हैं। उनका कहना था कि कपड़े पहनने की स्वतंत्रता अपनी जगह है, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की मर्यादा का ध्यान रखना भी जरूरी है। विज ने इसी मुद्दे पर राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पारसी हैं, इसलिए उन्हें भारत के धर्म, संस्कृति और संस्कार की क्या जानकारी है। यह टिप्पणी अनिल विज की ओर से की गई राजनीतिक प्रतिक्रिया है।

कृति सेनन के बयान से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, रक्षाबंधन के मौके पर एक ज्वैलरी ब्रांड के विज्ञापन में कृति सेनन के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हुआ था। विज्ञापन में कृति इंडो-वेस्टर्न परिधान में राखी बांधती नजर आई थीं। इसके बाद अभिनेत्री ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा था कि किसी महिला के कपड़ों से उसकी संस्कृति के प्रति सम्मान को नहीं आंका जाना चाहिए। इस विवाद में अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी कृति के पहनावे की आलोचना की थी। इसके बाद कृति ने महिलाओं को उनके कपड़ों के आधार पर जज किए जाने पर सवाल उठाया और राहुल गांधी ने उनका समर्थन किया।

‘चीनी के लिए कांग्रेस को अपना शासनकाल याद करना चाहिए’

इसी दौरान अनिल विज ने देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर चंडीगढ़ कांग्रेस द्वारा लगाए गए ‘चीनी के लंगर’ पर भी कांग्रेस को घेरा। विज ने कहा कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है और विदेशों से बड़ी मात्रा में चीनी आयात करने के कदम उठाए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे आने वाले समय में चीनी के दाम सामान्य होंगे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विज ने कहा कि पार्टी को अपने शासनकाल को भी याद करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासन में चीनी डिपो के माध्यम से मिलती थी और लोगों को इसके लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता था। विज ने कहा कि वह खुद भी अपने घर के लिए चीनी लेने के लिए लाइन में लग चुके हैं।

सरकार ने चीनी कीमतों पर उठाए कदम

चीनी की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी हाल में कई कदम उठाए गए हैं। उपभोक्ता मंत्रालय के अनुसार 20 जुलाई 2026 को चीनी की औसत कीमत ₹48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त को बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो हो गई। सरकार ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे घरेलू उत्पादन की उम्मीद से कम स्थिति, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग, मौसम से गन्ने की फसल को नुकसान, वैश्विक आपूर्ति की स्थिति और कुछ हिस्सों में सट्टेबाजी व जमाखोरी जैसे कारण रहे हैं। सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके अलावा करीब 3 से 3.5 लाख टन रिफाइंड चीनी के घरेलू बाजार में आने की संभावना है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार इससे बाजार में उपलब्धता बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

सियासत गरम

कृति सेनन के पहनावे और महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से शुरू हुआ विवाद अब संस्कृति बनाम व्यक्तिगत अधिकार की राजनीतिक बहस में बदल गया है। राहुल गांधी के समर्थन पर अनिल विज के पलटवार ने इसे हरियाणा की राजनीति में भी चर्चा का मुद्दा बना दिया है। दूसरी ओर, चीनी की कीमतों को लेकर कांग्रेस के ‘चीनी लंगर’ पर विज की टिप्पणी ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच महंगाई के मुद्दे पर जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×