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The Haryana Story | CJP का सरकार पर बड़ा हमला: ‘अधूरे वादों से नहीं बच सकती सरकार’, तीन मांगें अब भी लंबित; 5 सितंबर को इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च

CJP का सरकार पर बड़ा हमला: ‘अधूरे वादों से नहीं बच सकती सरकार’, तीन मांगें अब भी लंबित; 5 सितंबर को इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च

वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर आंदोलन का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर युवाओं से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। CJP ने कहा है कि 25 जुलाई को चार मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन वापस लिया गया था, लेकिन एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद तीन प्रमुख मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। इसी के विरोध में संगठन ने 5 सितंबर 2026 को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है।

इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक होगा मार्च

CJP के मुताबिक 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली स्थित पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। संगठन का कहना है कि इसमें देशभर के छात्र, युवा और नागरिक संगठन शामिल होंगे। मार्च का नेतृत्व कथित तौर पर NEET से जुड़े मृत छात्रों के परिजनों और 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों द्वारा किया जाएगा।

चार में से तीन मांगें अब भी अधूरी

CJP का कहना है कि जुलाई में आंदोलन खत्म करने से पहले सरकार की ओर से उनकी चार मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया था। इनमें से एक मांग पूरी होने के बाद आंदोलन वापस लिया गया, लेकिन संगठन के अनुसार तीन मांगें अब भी लंबित हैं। इनमें प्रमुख रूप से - NEET से जुड़े पीड़ित छात्रों के परिवारों को मुआवजा। छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेना तथा उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करना। RAF और दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर माफी मांगना।

मामले को लगातार टाला जा रहा

CJP ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह सरकार की ओर से केवल आश्वासन और देरी को स्वीकार नहीं करेगा। संगठन का आरोप है कि युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने के बजाय मामले को लगातार टाला जा रहा है।

NEET विवाद से शुरू हुआ था आंदोलन

CJP का आंदोलन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था। 25 जुलाई को सरकार से मिले आश्वासनों के बाद आंदोलन वापस लेने की बात सामने आई थी। अब संगठन का कहना है कि आश्वासन के बावजूद लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए वह दोबारा सड़क पर उतर रहा है।

CJP ने सरकार को दी चेतावनी

संगठन ने साफ किया है कि वह इसे सरकार पर दबाव बनाने के अगले चरण के रूप में देख रहा है। CJP का कहना है कि “सद्भावना को धोखा देने का मौका नहीं बनाया जा सकता” और सरकार को युवाओं से किए गए वादों पर जवाब देना होगा। हालांकि, 5 सितंबर के मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस की अनुमति का सवाल भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक उस समय पुलिस ने कहा था कि मार्च की अनुमति अभी नहीं दी गई थी। ऐसे में आंदोलन की अंतिम व्यवस्था और पुलिस की अनुमति पर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च का ऐलान कर दिया है। अगर संगठन की तीन लंबित मांगों पर उससे पहले कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो NEET और युवा मुद्दों को लेकर दिल्ली में एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।

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