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The Haryana Story | हरियाणा में आयुष्मान पर संकट: ₹1,200 करोड़ के बकाये को लेकर निजी अस्पतालों की 24 घंटे हड़ताल, मरीज परेशान, 16 सितंबर से अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी

हरियाणा में आयुष्मान पर संकट: ₹1,200 करोड़ के बकाये को लेकर निजी अस्पतालों की 24 घंटे हड़ताल, मरीज परेशान, 16 सितंबर से अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी

प्रदेश के करीब 650 निजी अस्पतालों के लगभग 1,200 करोड़ रुपये के आयुष्मान क्लेम छह महीने से अधिक समय से लंबित

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हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए मंगलवार का दिन परेशानी भरा रहा। योजना से जुड़े निजी अस्पतालों ने लंबित भुगतान को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हरियाणा के आह्वान पर 1 सितंबर को 24 घंटे के लिए आयुष्मान सेवाएं बंद रखीं। निजी अस्पतालों और सरकार के बीच भुगतान को लेकर एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गई है। IMA का दावा है कि प्रदेश के करीब 650 निजी अस्पतालों के लगभग 1,200 करोड़ रुपये के आयुष्मान क्लेम छह महीने से अधिक समय से लंबित हैं। हड़ताल के कारण आयुष्मान कार्ड के जरिए निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, अस्पतालों की ओर से कहा गया है कि इमरजेंसी मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

15 दिन में भुगतान का था दावा, महीनों से अटके क्लेम

IMA हरियाणा का कहना है कि पहले हुई सहमति के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों द्वारा किए गए क्लेम का भुगतान करीब 15 दिन में किया जाना था, लेकिन कई अस्पतालों के भुगतान महीनों से अटके हुए हैं। एसोसिएशन के मुताबिक, लगातार भुगतान नहीं मिलने से निजी अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। IMA पदाधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों को मरीज के इलाज से पहले ही दवाइयों,सर्जिकल सामान, एनेस्थीसिया, इंप्लांट, बिजली, डॉक्टरों और कर्मचारियों समेत तमाम खर्च उठाने पड़ते हैं। ऐसे में लंबे समय तक क्लेम का भुगतान नहीं होने से अस्पतालों का कैश फ्लो प्रभावित हो रहा है और छोटे अस्पतालों के सामने संचालन का संकट खड़ा हो रहा है।

IMA ने सरकार से मांगा बकाया भुगतान

IMA ने सरकार से लंबित करीब ₹1,200 करोड़ के क्लेम का भुगतान जल्द करने के साथ-साथ भविष्य में क्लेम के निपटारे के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था बनाने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि निजी अस्पताल लगातार आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज करते रहे हैं, लेकिन भुगतान में देरी के कारण अब उनके लिए सेवाएं जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है। IMA के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने लंबित भुगतान के मुद्दे का जल्द समाधान नहीं किया तो 16 सितंबर से आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार के साथ होने वाली बातचीत और स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।

सरकार का पक्ष भी सामने आया

दूसरी ओर, सरकारी पक्ष ने IMA के भुगतान में लगातार देरी के आरोपों पर अलग तस्वीर पेश की है। हरियाणा आयुष्मान भारत समिति से जुड़े एक वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार, दावों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद भुगतान जारी किया जाता है। उनका कहना है कि प्रत्येक क्लेम का सत्यापन जरूरी है और कई मामलों में दस्तावेजों की कमी के कारण प्रक्रिया में समय लग सकता है। सरकारी पक्ष के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक करीब ₹600 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। वहीं अधिकारियों ने IMA के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने की कोशिश जारी रखने की बात कही है।

पहले भी कई बार हो चुका है विवाद

आयुष्मान भुगतान को लेकर हरियाणा में निजी अस्पतालों और सरकार के बीच इससे पहले भी विवाद सामने आ चुका है। इस साल निजी अस्पतालों ने लंबित भुगतान और योजना के पैकेज रेट समेत विभिन्न मांगों को लेकर कई बार आयुष्मान सेवाएं रोकने की चेतावनी दी थी। अगस्त में भी बड़ी संख्या में सूचीबद्ध निजी अस्पतालों ने करीब 19 दिनों तक आयुष्मान सेवाएं बंद रखी थीं, जिसके बाद बातचीत के जरिए सेवाएं दोबारा शुरू हुई थीं। अब 1 सितंबर की 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल के बाद सभी की नजरें सरकार और IMA के बीच होने वाली बातचीत पर हैं। यदि बकाया भुगतान और क्लेम निपटारे को लेकर जल्द समाधान नहीं निकला, तो 16 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन सेवा बंदी का सीधा असर आयुष्मान कार्डधारकों पर पड़ सकता है।

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