हरियाणा-हिमाचल सीमा पर स्थित हथिनीकुंड बैराज के पास मंगलवार शाम सेना की ट्रेनिंग के दौरान यमुना नदी में बड़ा हादसा हो गया। स्पेशल फोर्स के जवानों की बाढ़-बचाव और नदी में उतरने की प्रैक्टिस के दौरान मोटर बोट में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद बोट तेज बहाव में डूबने लगी और उसमें सवार जवान पानी में गिर गए। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हादसे के बाद दो जवान लापता हैं, जबकि दो जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
हेलिकॉप्टर से नदी में उतरने की चल रही थी प्रैक्टिस
जानकारी के मुताबिक हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग 30 अगस्त से चल रही थी और मंगलवार को इसका अंतिम दिन था। अभ्यास के दौरान हेलीकॉप्टर से जवानों के नदी में उतरने और मोटर बोट के जरिए ऑपरेशन करने की ट्रेनिंग चल रही थी। मंगलवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच कलेसर के नीचे और हथिनीकुंड बैराज से पहले यमुना की अपस्ट्रीम में यह अभ्यास किया जा रहा था। इसी दौरान मोटर बोट में तकनीकी समस्या आई और वह चलने के बजाय डूबने लगी।
तेज बहाव में बह गए जवान
बोट पर सवार जवानों ने पानी में छलांग लगाई। बताया गया है कि जवान लाइफ जैकेट पहने हुए थे, लेकिन यमुना के तेज बहाव के कारण वे पश्चिमी यमुना नहर की ओर बह गए। शुरुआती रिपोर्टों में तीन जवानों के सुरक्षित बाहर निकलने और एक के लापता होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, बाद में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार चार जवान पानी में बह गए, जिनमें से दो तैरकर सुरक्षित निकल आए, जबकि दो अभी तक लापता बताए जा रहे हैं।
SDRF और पुलिस की टीमें तलाश में जुटीं
हादसे की सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सेना के साथ तलाश अभियान शुरू किया गया। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की SDRF टीमों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है। इसके अलावा लापता जवानों को नदी में नीचे की ओर तलाशने के लिए IAF के हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं। प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश कुमार के अनुसार, हादसे की सूचना शाम करीब 6 बजे मिली। इसके बाद पश्चिमी यमुना नहर में पानी का बहाव कम कराने के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से भी मदद मांगी गई।
सेना की नाव भी बरामद
रेस्क्यू टीमों ने हादसे के बाद नदी में डूबी मोटर बोट को भी बरामद कर लिया है। हालांकि, लापता जवानों की पहचान और उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर सेना की ओर से अभी तक आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हादसे की जांच में मोटर बोट में आई तकनीकी खराबी को शुरुआती वजह माना जा रहा है। फिलहाल प्राथमिकता लापता दोनों जवानों को सुरक्षित तलाशना है और इसके लिए सेना, SDRF, पुलिस तथा अन्य बचाव दल नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
डूबी मोटर बोट बरामद
लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सेना की डूबी हुई मोटर बोट को नदी से बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि लापता जवानों का अभी तक पता नहीं चल सका है और उनकी तलाश लगातार जारी है। प्रताप नगर थाना प्रभारी रोहताश कुमार के मुताबिक हादसे की सूचना शाम के समय मिली थी। पुलिस और रेस्क्यू टीमें लगातार जवानों की तलाश में जुटी हैं। प्रशासन की ओर से भी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया गया है।
सेना के आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल हादसे में लापता जवानों की पहचान और उनकी स्थिति को लेकर सेना की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए लापता जवानों की संख्या को लेकर सामने आई अलग-अलग रिपोर्टों के बीच आधिकारिक पुष्टि होने तक सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल सबसे ताजा उपलब्ध रिपोर्टों में दो जवानों के लापता होने की बात कही गई है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और सभी एजेंसियों का फोकस तेज बहाव में लापता हुए जवानों को तलाशने पर है।
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