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The Haryana Story | सैलजा ने सरकार पर साधा निशाना, बोलीं - रोजगार, महंगाई और कानून व्यवस्था पर जवाब दे सरकार, धर्म-जाति की राजनीति छोड़ें

सैलजा ने सरकार पर साधा निशाना, बोलीं - रोजगार, महंगाई और कानून व्यवस्था पर जवाब दे सरकार, धर्म-जाति की राजनीति छोड़ें

सैलजा ने कहा - जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही भाजपा

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में आने वाले चुनावों को देखते हुए भाजपा एक बार फिर अपनी सरकारों की नाकामियों, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे बुनियादी सवालों से जनता का ध्यान हटाने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण और जातिगत मुद्दों को हवा देने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस समाज को बांटने वाली राजनीति का विरोध करते हुए जनहित से जुड़े वास्तविक मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।

नीतियों और जनता से किए गए वादों की कसौटी पर होना चाहिए

कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों का मूल्यांकन उनकी सरकारों के कामकाज, जनकल्याण की नीतियों और जनता से किए गए वादों की कसौटी पर होना चाहिए। धर्म और जाति के आधार पर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश देश और लोकतंत्र दोनों के हित में नहीं है। देशवासियों को ऐसे मुद्दों से ऊपर उठकर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, किसान, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे सवालों पर सरकार से जवाब मांगना चाहिए।

देश का युवा कर रहा है रोजगार के लिए संघर्ष

सांसद ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद किसानों की आय दोगुनी करने, सभी को आवास उपलब्ध करवाने, युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने और शहरों को स्मार्ट बनाने सहित अनेक बड़े दावे किए थे। आज आवश्यकता इस बात की है कि सरकार बताए कि इन घोषणाओं और वादों को धरातल पर कितना पूरा किया गया। देश का युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है, कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और आम आदमी बढ़ती महंगाई से परेशान है।

सरकारी सेवाओं की लोगो तक पहुंच सरल और सहज बनाई जाए

कुमारी सैलजा ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था और तकनीक का इस्तेमाल जनता की सुविधा के लिए होना चाहिए, लेकिन हरियाणा में अनेक सरकारी सेवाओं को पोर्टल आधारित किए जाने से आम नागरिकों को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें तकनीक लोगों के लिए सुविधा बने, बाधा नहीं। बुजुर्गों, ग्रामीणों और तकनीकी जानकारी से वंचित लोगों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच सरल और सहज बनाई जानी चाहिए। 

गरीबों की पहुंच से दूर होता जा रहा है दूध

सांसद ने कहा कि महंगाई ने आम परिवार का बजट प्रभावित किया है। खाद्य पदार्थों से लेकर दूध, घरेलू जरूरतों और ईंधन तक बढ़ती कीमतों का असर सीधे मध्यम एवं गरीब वर्ग पर पड़ रहा है। सरकार को महंगाई पर नियंत्रण और आम आदमी को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। केवल आंकड़ों के आधार पर स्थिति बेहतर बताने के बजाय बाजार में आम नागरिक पर पड़ रहे वास्तविक आर्थिक बोझ को समझना जरूरी है।

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल

कुमारी सैलजा ने हरियाणा की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अपराध की घटनाओं से आम नागरिक में असुरक्षा की भावना बढ़ना गंभीर विषय है। सरकार की पहली जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना है। अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई हो और पुलिस-प्रशासन को जवाबदेह बनाया जाए। सांसद ने कहा कि प्रदेश में युवा रोजगार को लेकर चिंतित हैं, कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, किसान अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े वर्ग भी विभिन्न मुद्दों को उठा रहे हैं।

जब समाज के अलग-अलग वर्ग लगातार अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हों तो सरकार को टकराव का रास्ता अपनाने के बजाय उनसे संवाद करना चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की राजनीतिक विचारधारा का लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मुकाबला करती रहेगी। कांग्रेस की प्राथमिकता रोजगार, महंगाई से राहत, सामाजिक न्याय, किसानों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं तथा मजबूत कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे हैं।

जनता धर्म और जाति के आधार पर बांटने वाली राजनीति से रहे

कुमारी सैलजा ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि चुनाव किसी भी राज्य में हों, जनता को धर्म और जाति के आधार पर बांटने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए। लोकतंत्र में सरकारों से उनके काम, नीतियों और वादों का हिसाब मांगना जनता का अधिकार है। देश की एकता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव सर्वोपरि हैं तथा इन्हें किसी भी राजनीतिक स्वार्थ के लिए कमजोर नहीं होने दिया जाना चाहिए।

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