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The Haryana Story | सोनीपत में 27 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सुनैना चौटाला ने दिया समर्थन, भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

सोनीपत में 27 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सुनैना चौटाला ने दिया समर्थन, भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

हालांकि हरियाणा सरकार ने आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों की 13 में से 12 प्रमुख मांगें सैद्धांतिक रूप से मान ली हैं, लेकिन हड़ताल खत्म नहीं हुई

नगर निगम सोनीपत के सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहा धरना अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। बुधवार को इनेलो की महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला धरना स्थल पर पहुंचीं और आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों को पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार 27वें दिन हड़ताल पर रहे। हालांकि हरियाणा सरकार ने आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन की 13 में से 12 प्रमुख मांगें (जैसे वर्दी भत्ता, जॉब सिक्योरिटी और वेतन से जुड़े लाभ) सैद्धांतिक रूप से मान ली हैं, लेकिन हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म नहीं हुई है, बल्कि कर्मचारियों ने इसे बढ़ाकर 6 सितंबर 2026 तक जारी रखने का फैसला किया है। चूंकि कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का करने की मांग पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है। सरकार का कहना है कि इस मामले में कानूनी और वित्तीय पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने स्पष्ट किया है कि जब तक पक्का करने की मांग पर ठोस लिखित आदेश या निर्णय नहीं आता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी और आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

धरने को संबोधित करते हुए सुनैना चौटाला ने भाजपा सरकार पर सफाई कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी और उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कर्मचारियों से कई वादे किए गए थे, लेकिन उन्हें लागू करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की। सुनैना चौटाला ने खास तौर पर ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और लंबे समय से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शहर को साफ रखने वाले कर्मचारी आज अपने ही अधिकारों के लिए धरने पर बैठने को मजबूर हैं।

हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित

सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से जारी हड़ताल का असर सोनीपत की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। 31 अगस्त तक की रिपोर्ट के अनुसार शहर में करीब 1,100 टन कूड़ा जमा होने की बात सामने आई थी। इससे पहले 24 अगस्त को हड़ताल के 18वें दिन शहर में करीब 800 टन कूड़ा जमा होने की रिपोर्ट सामने आई थी। सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति भी बनी है। हड़ताल के दौरान कूड़ा उठाने वाले वाहनों को रोकने, उनके टायर पंचर करने और चालकों के साथ मारपीट के आरोपों में नगर निगम की शिकायत पर पुलिस केस दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की जांच पुलिस कर रही है।

मई के समझौते को लागू करने की मांग

सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का एक प्रमुख मुद्दा सरकार और कर्मचारियों के बीच हुए समझौते को लागू कराने का है। रिपोर्टों के मुताबिक कर्मचारियों का कहना है कि 13 मई 2026 को सरकार के साथ उनकी मांगों को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन कई मांगों को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया। इसी के विरोध में कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं। इससे पहले भी सोनीपत के संविदा सफाई कर्मचारी निगम के रोल पर लेने, समान काम के लिए समान वेतन, नौकरी की सुरक्षा, हटाए गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने और नियमित करने जैसी मांगें उठा चुके हैं।

महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा पर भी सरकार को घेरा

धरने के दौरान सुनैना चौटाला ने सफाई कर्मचारियों के मुद्दे के अलावा महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव के दौरान किए गए कई वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और विभिन्न वर्ग अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।

इनेलो ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी

सुनैना चौटाला ने कहा कि इनेलो सफाई कर्मचारियों के संघर्ष में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने सरकार से जल्द बातचीत कर कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाया तो इनेलो इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक कर्मचारियों की आवाज उठाएगी। सोनीपत में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से जहां कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, वहीं शहर में बढ़ते कूड़े के ढेर ने प्रशासन के सामने सफाई व्यवस्था बहाल करने की चुनौती भी बढ़ा दी है।

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