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The Haryana Story | पानीपत में सड़कों पर पशु छोड़ना पड़ेगा महंगा, मालिक पर ₹11 हजार जुर्माना; निगम ने कसी लगाम

पानीपत में सड़कों पर पशु छोड़ना पड़ेगा महंगा, मालिक पर ₹11 हजार जुर्माना; निगम ने कसी लगाम

खुले में पशु छोड़ने वालों के खिलाफ नगर निगम अब सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में

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शहर की सड़कों पर खुले में पशु छोड़ने वालों के खिलाफ नगर निगम अब सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। सड़क पर घूमते पाए जाने वाले पालतू पशुओं के मालिक की पहचान होने पर ₹11 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही पशु को पकड़कर गौशाला तक पहुंचाने में आने वाला खर्च भी संबंधित मालिक से वसूला जाएगा। यह कार्रवाई शहर में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को लेकर सामने आ रही शिकायतों और सड़क हादसों के खतरे को देखते हुए की जा रही है। पानीपत नगर निगम की ओर से शहर में पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भेजने का अभियान चलाया जा रहा है। 

एक कार्यक्रम में जनता ने उठाया था मुद्दा

सड़कों पर खुले घूमते पालतू पशुओं का मुद्दा एक निज़ी न्यूज़ चैनल के 'हल्ला बोल' कार्यक्रम के जरिए भी जनता ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज यादव ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। निगम के अनुसार, शहर की सड़कों पर दिखाई देने वाले गोवंश को पकड़कर गौशालाओं में भेजा गया है। अब भी यदि कोई पशु सड़क पर दिखाई देता है तो उसकी जांच की जाएगी कि वह बेसहारा है या किसी व्यक्ति का पालतू पशु।

गांवों से आने वाले पशुओं के साथ डेयरी संचालक भी निशाने पर

निगम आयुक्त के मुताबिक, सड़क पर पशुओं के आने के कई कारण सामने आए हैं। कुछ पशु आसपास के गांवों की ओर से शहर की सड़कों पर आ जाते हैं और उनके मालिक उन्हें वापस नहीं ले जाते। इसके अलावा घोड़े और खच्चर जैसे मालवाहक पशुओं को भी कई बार सड़क किनारे खुला छोड़ दिया जाता है। डेयरी संचालकों पर भी आरोप है कि कुछ लोग दूध निकालने के बाद पशुओं को खुला सड़क पर छोड़ देते हैं और दूध निकालने के समय उन्हें वापस डेयरी में ले जाते हैं। निगम अब ऐसे मामलों में पशु के मालिक की पहचान कर कार्रवाई करेगा।

पहले पशु पकड़ा जाएगा, फिर मालिक तक पहुंचेगा निगम

नई कार्रवाई के तहत सड़क पर पालतू पशु मिलने पर निगम की टीम उसे पहले पकड़कर गौशाला पहुंचाएगी। इसके बाद पशु के मालिक की पहचान की जाएगी। मालिक के खिलाफ ₹11 हजार का जुर्माना लगाने के साथ पशु को गौशाला तक ले जाने का खर्च भी वसूलने की बात कही गई है। हरियाणा में खुले में बेसहारा गोवंश छोड़ने के मामले में पहली बार ₹11 हजार, दूसरी बार ₹21 हजार जुर्माने और तीसरी बार एफआईआर जैसे प्रावधानों पर भी हाल में चर्चा हुई है। हालांकि फिलहाल पानीपत नगर निगम का ऐसा ताजा आधिकारिक आदेश नहीं मिला है, जिसमें इस विशेष कार्रवाई की पूरी अधिसूचना उपलब्ध हो। इस विषय और जुर्माने  फिलहाल चर्चा हुई है।

सड़क हादसों पर भी लगेगी लगाम

नगर निगम का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल पशुओं को सड़कों से हटाना नहीं, बल्कि वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। सड़क के बीच या किनारे अचानक पशु आने से हादसों का खतरा बना रहता है। पानीपत में पशुओं से जुड़ी समस्या के साथ आवारा कुत्तों को लेकर भी गंभीर स्थिति सामने आई है। हालिया CAG ऑडिट में पानीपत में कुत्तों के पंजीकरण और नसबंदी व्यवस्था में कमियां सामने आई थीं तथा शहर में डॉग-बाइट के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

अब मालिकों की मनमानी नहीं चलेगी

नगर निगम का रुख साफ है कि पालतू पशुओं को सड़क पर खुला छोड़ना अब मालिकों को महंगा पड़ सकता है। निगम आने वाले दिनों में ऐसे पशुपालकों की पहचान कर कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। इससे शहर की सड़कों को पशुमुक्त करने के साथ यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा में भी सुधार की उम्मीद है। 

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