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The Haryana Story | अभिनंदन वर्धमान ने छोड़ी भारतीय वायुसेना, 2019 में पाकिस्तान के F-16 से हवाई मुकाबले के बाद आए थे चर्चा में!!

अभिनंदन वर्धमान ने छोड़ी भारतीय वायुसेना, 2019 में पाकिस्तान के F-16 से हवाई मुकाबले के बाद आए थे चर्चा में!!

2019 में पाकिस्तान के F-16 से हवाई मुकाबले के बाद चर्चा में आए थे; MiG-21 से इजेक्ट होकर POK में पहुंचे और करीब तीन दिन पाकिस्तानी हिरासत में रहे

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2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष में वीरता के लिए देशभर में चर्चित हुए ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। अब उन्होंने नागरिक उड्डयन में अपनी दूसरी पारी शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक अभिनंदन गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से बतौर कमर्शियल पायलट जुड़ गए हैं। सूत्रों के अनुसार उन्होंने अगस्त 2026 में एयरलाइन में काम शुरू किया, जबकि भारतीय वायुसेना से उनकी रिहाई/सेवा समाप्ति 31 मार्च 2026 को हुई थी।

2019 में कैसे बने थे देशभर में चर्चित?

26 फरवरी 2019 को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के अगले दिन यानी 27 फरवरी 2019 को भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई संघर्ष हुआ था। अभिनंदन उस समय MiG-21 Bison उड़ा रहे थे। भारतीय पक्ष के अनुसार हवाई मुकाबले में उन्होंने पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया था।

इसके बाद उनका MiG-21 भी दुश्मन की कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुआ और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। वह पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में जा गिरे, जहां पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि F-16 को गिराने का दावा भारतीय पक्ष और अभिनंदन को दिए गए वीर चक्र के आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र से जुड़ा है, जबकि पाकिस्तान ने F-16 के नुकसान से इनकार किया था।

करीब तीन दिन पाकिस्तान की हिरासत में रहे

पाकिस्तान में पकड़े जाने के बाद अभिनंदन को करीब तीन दिन हिरासत में रखा गया। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने उनकी रिहाई की घोषणा की थी। इसके बाद 1 मार्च 2019 को वह भारत लौटे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उनके संयम और सैन्य आचरण की देश में काफी चर्चा हुई। बाद में उन्हें उनकी बहादुरी के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह भारत का युद्धकालीन तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।

22 साल की सैन्य सेवा के बाद नई पारी

अभिनंदन 2004 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। उन्होंने Su-30MKI सहित लड़ाकू विमानों पर उड़ान भरी और बाद में MiG-21 Bison स्क्वाड्रन का हिस्सा रहे। जून 2017 में वह विंग कमांडर बने और दिसंबर 2021 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया था। अब सैन्य वर्दी छोड़कर वह नागरिक विमानन में पायलट की भूमिका निभाएंगे। FLY91 क्षेत्रीय विमानन कंपनी है, जो ATR 72-600 विमानों से परिचालन करती है।

अभिनंदन वर्धमान का परिवार भी रहा है बेहद खास

अभिनंदन ऐसे परिवार से आते हैं जिसका भारतीय सशस्त्र बलों, खासकर वायुसेना से गहरा संबंध रहा है। अभिनन्दन के पिता एयर मार्शल (रिटायर्ड) एस. वर्धमान भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। उन्हें कई सैन्य सम्मानों से नवाजा गया था, जिनमें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) भी शामिल है। वह तमिल फिल्म Kaatru Veliyidai के निर्माण में बतौर सलाहकार भी जुड़े थे। अ

भिनंदन वर्धमान के दादा जी (सिम्हाकुट्टी) भी भारतीय वायु सेना (IAF) में ही कार्यरत थे। अभिनंदन का परिवार तीन पीढ़ियों से देश की रक्षा में अपना योगदान दे रहा है। दादा जी ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना में अपनी सेवा दी थी और वे मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर रहे थे। अभिनंदन की पत्नी तन्वी मरवाहा भी भारतीय वायुसेना में अधिकारी रह चुकी हैं। वह स्क्वाड्रन लीडर के पद से सेवानिवृत्त हुईं और हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में सेवा कर चुकी हैं। उनकी मां डॉ. शोभा वर्धमान डॉक्टर हैं। उनकी एक बहन विदेश में रहती हैं। 

परिवार की खास बात

यानी अभिनंदन की कहानी केवल एक बहादुर फाइटर पायलट की कहानी नहीं है, बल्कि ऐसे परिवार की भी कहानी है जिसमें कई सदस्यों ने देशसेवा और विमानन क्षेत्र में योगदान दिया है। पिता वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी रहे, पत्नी खुद वायुसेना की पायलट रहीं और अब अभिनंदन सैन्य विमान उड़ाने के बाद कमर्शियल एविएशन में नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 

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