सेक्टर-76 के पी ब्लॉक स्थित रिहायशी इलाके में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के खिलाफ जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। डीटीपी की टीम ने शिकायतों और पूर्व में दिए गए नोटिस के बावजूद व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखने वाली करीब 9 यूनिट को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ संचालकों ने स्वयं ही परिसर खाली कर दिया, जबकि एक यूनिट को मरीजों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए सोमवार तक का समय दिया गया है।
डीटीपी अधिकारी यजन चौधरी के अनुसार, सेक्टर-76 पी ब्लॉक के रिहायशी मकानों के ग्राउंड फ्लोर पर कई जगह बिना अनुमति दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायत विभाग को मिली थी। शिकायतों की जांच के बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई शुरू की।
करीब 15 यूनिट में चल रही थीं व्यावसायिक गतिविधियां
डीटीपी के मुताबिक, जांच के दौरान करीब 15 यूनिट में रिहायशी परिसर का व्यावसायिक इस्तेमाल पाया गया। इनमें से 9 यूनिट को सील किया गया, जबकि 4-5 यूनिट के संचालकों ने कार्रवाई से पहले या टीम के पहुंचने के दौरान स्वयं ही जगह खाली कर दी। विभाग के अनुसार इन परिसरों में ब्यूटी पार्लर, क्लिनिक, प्रॉपर्टी ऑफिस और बिना अनुमति नर्सिंग होम जैसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई। एक नर्सिंग होम में मरीज भर्ती होने के कारण विभाग ने संचालक को मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए सोमवार तक का समय दिया है। इसके बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व पुलिसकर्मी ने कार्रवाई का किया विरोध
कार्रवाई के दौरान एक हरियाणा पुलिस के सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर, जो कथित तौर पर रिहायशी परिसर में प्रॉपर्टी कार्यालय चला रहे थे, ने सीलिंग कार्रवाई का विरोध किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व अधिकारी और डीटीपी टीम के बीच मौके पर तीखी बहस की स्थिति बनी। डीटीपी की ओर से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से कार्रवाई में बाधा डाल रहे व्यक्ति को हटाने का आग्रह किए जाने का भी दावा किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डीटीपी अधिकारी ने पुलिस से सहयोग मांगा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक मामला पहुंचाने की बात भी कही। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने किस स्तर तक सहयोग किया या नहीं किया, और क्या किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी, इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश या पुलिस विभाग का स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इस हिस्से को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
रिहायशी इलाके में कमर्शियल इस्तेमाल पर सख्ती
यह कार्रवाई फरीदाबाद में रिहायशी प्लॉटों के व्यावसायिक इस्तेमाल और स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के उल्लंघन के खिलाफ डीटीपी की चल रही कार्रवाई का हिस्सा है। इससे एक दिन पहले भी विभाग ने सेक्टर-75 स्थित BPTP Park Elite में स्वीकृत भवन योजना के उल्लंघन और रिहायशी भूखंडों के व्यावसायिक इस्तेमाल के मामले में पांच भवन सील किए थे। डीटीपी अधिकारी यजन चौधरी ने लोगों से अपील की है कि रिहायशी क्षेत्रों में बिना अनुमति किसी तरह की व्यावसायिक या अन्य अनधिकृत गतिविधि संचालित न करें। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सीलिंग समेत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है और इससे संपत्ति मालिकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
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