loader
The Haryana Story | एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़े सफाईकर्मी, हाथों में झाड़ू लेकर मंत्री के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन; बोले- विपुल गोयल और कृष्ण बेदी में कौन बड़ा?

एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़े सफाईकर्मी, हाथों में झाड़ू लेकर मंत्री के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन; बोले- विपुल गोयल और कृष्ण बेदी में कौन बड़ा?

प्रदर्शनकारी मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़ गए और हाथों में झाड़ू लहराकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच फरीदाबाद में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन उस समय काफी उग्र नजर आया, जब प्रदर्शनकारी मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़ गए और हाथों में झाड़ू लहराकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने मंत्री के कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर जमकर विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने सरकार और संबंधित मंत्रियों पर कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। सफाई कर्मचारियों का आंदोलन मुख्य रूप से नियमितीकरण,समान काम के लिए समान वेतन और ठेका प्रथा खत्म करने जैसी मांगों को लेकर चल रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन उनके मुताबिक अब तक उन फैसलों को लागू करने के लिए जरूरी पत्र जारी नहीं किए गए हैं। इसी को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। 

झाड़ू लहराकर सरकार के खिलाफ जताया रोष

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हाथों में झाड़ू लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शहर को साफ रखने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। इसी दौरान कुछ कर्मचारी मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी चढ़ गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों के बीच काफी हलचल देखने को मिली। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के साथ पहले बातचीत में मांगों को लेकर सहमति बनी, लेकिन बाद में सरकार अपने वादों से पीछे हटती दिखाई दे रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

'पता नहीं विपुल-बेदी में कौन बड़ा'

प्रदर्शन के दौरान यूनियन प्रधान ने मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर दोनों मंत्रियों के रुख में स्पष्टता नजर नहीं आ रही है और कर्मचारियों को यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर उनकी बात कौन सुनेगा। इससे पहले भी कर्मचारी संगठन दोनों मंत्रियों पर निशाना साधते रहे हैं। हालिया प्रदर्शनों में कर्मचारियों ने दोनों मंत्रियों के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किए हैं। सोनीपत में कर्मचारियों ने विपुल गोयल और कृष्ण बेदी के पोस्टर भेड़ों पर लगाकर प्रतीकात्मक बारात निकाली थी।

हड़ताल से शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने की शिकायतें सामने आई हैं। सरकार की ओर से कर्मचारियों को मनाने और वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए सफाई व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है, जबकि कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। फरीदाबाद में भी कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कर्मचारियों ने हड़ताल को अब 6 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है और कहा है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

सरकार का क्या कहना है?

हरियाणा सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर पहले भी बातचीत हुई है और कई मुद्दों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। विधानसभा में भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो चुकी है। स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने सदन में कहा था कि 13 मई को मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल समाप्त हुई थी, जबकि सरकार कुछ मुद्दों पर कानूनी राय ले रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी कहा कि कुछ मांगों को लागू करने में तकनीकी और कानूनी अड़चनें हैं। फिलहाल फरीदाबाद में मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़कर किया गया प्रदर्शन सफाई कर्मचारियों के आंदोलन की बढ़ती नाराजगी को दिखाता है। अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आने वाले दिनों में और उग्र रूप लेता है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×