दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने की दर्दनाक घटना ने राजधानी को झकझोर दिया है। इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के रूप में किया जा रहा था। हादसे के बाद मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान चलाया गया। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम ने यह भी कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और हादसे से प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाई जा रही है।
मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान
घटना के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे। मलबे को हटाने के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ खोजी कुत्तों और लाइफ-डिटेक्शन उपकरणों की मदद ली गई। बचावकर्मियों ने बेहद सावधानी से मलबा काटकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत गिरने के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह भवन छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल होता था और हादसे के समय इसमें कई लोगों के मौजूद होने की बात सामने आई है।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा, कई लोग घायल
सोमवार सुबह तक सामने आई रिपोर्टों के अनुसार हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए। राहत दलों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी रखी। अलग-अलग समय पर मृतकों और फंसे लोगों की संख्या को लेकर अपडेट बदलते रहे हैं, इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़े का इंतजार जरूरी है।
निर्माण कार्य के दौरान हादसा होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में इमारत में बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण/मरम्मत कार्य चलने की बात सामने आई है। अधिकारियों ने इसी दौरान ढांचे के कमजोर होने और इमारत गिरने की आशंका जताई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
PG मालिक के खिलाफ FIR
हादसे के बाद पुलिस ने मामले में PG मालिक हरिराम बंसल समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। प्रशासन की ओर से घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
PM मोदी के संदेश से पीड़ित परिवारों को भरोसा
सत्य निकेतन हादसे के बीच प्रधानमंत्री की संवेदना और प्रशासन द्वारा राहत-बचाव कार्य में तेजी से जुटने का संदेश पीड़ित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार और राहत एजेंसियों का पूरा ध्यान फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को उपचार उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता देने पर है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में किसी भी संभावित व्यक्ति की तलाश और उसे सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच भी आगे बढ़ रही है।
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