हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार ने कई अहम फैसलों को लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से 10 सितंबर 2026 को जारी आदेश में मानदेय के बकाये, हड़ताल अवधि के भुगतान, ड्यूटी भत्ता, यूनिफॉर्म और वॉशिंग अलाउंस समेत कई सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। सबसे बड़ी राहत मानदेय में ₹2,100 की बढ़ोतरी से जुड़ी है। सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का मासिक मानदेय ₹16,000 से बढ़ाकर ₹18,100 किया है। हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में इस बढ़ोतरी को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी बताया गया था।
जनवरी 2026 से बढ़े मानदेय का बकाया मिलेगा
विभागीय निर्देशों के मुताबिक जनवरी 2026 से बढ़े मानदेय के ₹2,100 प्रति माह के बकाये का भुगतान पात्र कर्मचारियों को किया जाएगा। यानी जिन महीनों का बढ़ा हुआ भुगतान लंबित है, उसका एरियर जारी किया जाएगा।
अक्टूबर 2023 की हड़ताल का भी मिलेगा बकाया
सरकार ने अक्टूबर 2023 में हुई हड़ताल की अवधि के बकाया मानदेय के भुगतान का भी प्रावधान किया है। पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार यह राशि जारी की जाएगी।
गांव से बाहर ड्यूटी पर ₹200 प्रतिदिन ग्रामीण
सफाई कर्मचारी को यदि उसके गांव से बाहर ड्यूटी के लिए भेजा जाता है तो उसे ₹200 प्रतिदिन का भत्ता देने का प्रावधान किया गया है। इससे चुनाव, विशेष अभियान या अन्य विभागीय कार्यों के लिए बाहर भेजे जाने वाले कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
यूनिफॉर्म और वॉशिंग अलाउंस भी बढ़ा
सरकार ने कर्मचारियों के वार्षिक भत्तों में भी बढ़ोतरी की है। यूनिफॉर्म भत्ता: ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 सालाना वॉशिंग अलाउंस: ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 सालाना ड्यूटी के दौरान मौत पर परिवार को अनुकंपा नियुक्ति सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक यह है कि ड्यूटी के दौरान ग्रामीण सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मृतक कर्मचारी के परिवार को EPF/ESI डेथ क्लेम से संबंधित कागजात तैयार कराने में संबंधित BDPO कार्यालय सहायता करेगा।
हर महीने 7 तारीख तक मानदेय, देरी पर ₹500
सरकार ने मानदेय भुगतान को लेकर भी सख्ती दिखाई है। निर्देशों के अनुसार कर्मचारियों का मानदेय हर महीने की 7 तारीख तक जारी करना अनिवार्य होगा। भुगतान में निर्धारित देरी होने पर ₹500 अतिरिक्त भुगतान/पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। समय पर भुगतान की मांग ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों में रही है। 2025 में भी कर्मचारी संगठनों ने शिकायत की थी कि कई बार 7 तारीख के बाद भी मानदेय नहीं मिल पाता।
हड़ताल के बाद सरकार ने बढ़ाया था मानदेय
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांगों और आंदोलन के बीच सरकार ने 2026 में मानदेय बढ़ाने का फैसला किया था। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने जून/जुलाई 2026 में घोषणा की थी कि मानदेय ₹16,000 से बढ़ाकर ₹18,100 किया गया है और इसका लाभ प्रदेश के करीब 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को मिलेगा। कुल मिलाकर, 10 सितंबर के विभागीय निर्देशों से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को केवल बढ़े हुए मानदेय का लाभ ही नहीं, बल्कि बकाया भुगतान, हड़ताल अवधि का मानदेय, बाहर ड्यूटी भत्ता, बढ़े यूनिफॉर्म-वॉशिंग अलाउंस, समय पर भुगतान और मृत्यु की स्थिति में परिवार को राहत जैसे कई लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
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