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The Haryana Story | BRICS में वायरल हुआ ईरानी राष्ट्रपति और हिंदू धर्मगुरु का वीडियो, ‘चरण स्पर्श’ के दावे पर ईरानी पक्ष ने दी सफाई

BRICS में वायरल हुआ ईरानी राष्ट्रपति और हिंदू धर्मगुरु का वीडियो, ‘चरण स्पर्श’ के दावे पर ईरानी पक्ष ने दी सफाई

ईरानी दूतावास के सूत्रों ने कहा है कि पेजेशकियन ने धर्मगुरु के पैर नहीं छुए और वायरल तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और हिंदू आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज की दिल्ली में मुलाकात का वायरल वीडियो।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर को यह कहकर शेयर किया जा रहा है कि BRICS सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हिंदू धर्मगुरु जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, लेकिन 13 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, इस दावे पर ईरानी दूतावास के सूत्रों ने आपत्ति जताई है और कहा है कि राष्ट्रपति ने धर्मगुरु के पैर नहीं छुए। वायरल तस्वीर को लेकर हेरफेर की बात भी कही गई है।

इस दावे की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही

राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और हिंदू आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज की मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि ईरानी राष्ट्रपति ने हिंदू धर्मगुरु के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। हालांकि, इस दावे की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। 

जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज का नाम इस वायरल घटनाक्रम के बाद चर्चा में आया

मनीकंट्रोल की 13 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी दूतावास के सूत्रों ने कहा है कि पेजेशकियन ने धर्मगुरु के पैर नहीं छुए और वायरल तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है। वहीं, सोशल मीडिया और कुछ भारतीय मीडिया रिपोर्टों में इस दृश्य को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के प्रति सम्मान के तौर पर पेश किया गया है। जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज का नाम इस वायरल घटनाक्रम के बाद चर्चा में आया है। 

आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं

गौरतलब है कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे द्विपक्षीय मुलाकात की, जिसमें भारत-ईरान संबंधों, पश्चिम एशिया की स्थिति, समुद्री सुरक्षा और व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसलिए वायरल तस्वीर को लेकर फिलहाल सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि मुलाकात वास्तविक है, लेकिन “ईरानी राष्ट्रपति ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया” वाला दावा आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं है। 

 

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