हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देने की है। उद्योगों की बदलती जरूरतों और युवाओं के कौशल के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में स्किल गैप स्टडी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को गुरुग्राम विश्वविद्यालय के सेक्टर-51 परिसर में हरियाणा राज्य कौशल अंतराल अध्ययन तथा 23 जिला कौशल अंतराल रिपोर्टों का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल गैप रिपोर्ट के केंद्र में प्रदेश के युवाओं का भविष्य है। इसमें उद्योगों की जरूरत, अलग-अलग जिलों की प्रतिभा एवं क्षमता तथा युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने का आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और परिश्रम ने प्रदेश की पहचान को मजबूत किया है और अब जरूरत इस प्रतिभा को रोजगार की बदलती आवश्यकताओं से जोड़ने की है।
निवेशकों की जरूरत के अनुरूप तैयार होंगे युवा
नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा में लगातार नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं और देश-दुनिया के निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए रुचि दिखा रहे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उद्योगों और निवेशकों की जरूरत के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहा है।
इसलिए युवाओं को भी नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षण देना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़कर प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक और प्रैक्टिकल अनुभव को शामिल किया जा रहा है। स्किल गैप रिपोर्ट से यह समझने में मदद मिलेगी कि किस जिले में किस प्रकार के कौशल की जरूरत है और युवाओं को किन क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इससे उद्योगों को कुशल मानव संसाधन और युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उद्योगों की जरूरतों के लिए बनेगा पोर्टल
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि उद्योगों को आवश्यक कुशल मानव संसाधन की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल को आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों से जोड़ा जाए, ताकि उद्योगों को भविष्य में कितने और किस प्रकार के कुशल युवाओं की आवश्यकता होगी, इसकी जानकारी मिल सके। इसके आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिला-वार स्किल गैप रिपोर्ट का आईटीआई, पॉलिटेक्निक, विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ अध्ययन किया जाना चाहिए, ताकि रिपोर्ट को केवल दस्तावेज तक सीमित रखने के बजाय उसके आधार पर व्यावहारिक योजनाएं तैयार की जा सकें।
बदलती तकनीक के साथ कौशल विकास की गति जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और कौशल विकास की गति भी उसी अनुरूप बनाए रखनी होगी। गुरुग्राम और पंचकूला में एआई हब विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल डिग्री को योग्यता का आधार मानने के बजाय कौशल रखने वाले युवाओं को भी आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। इसके लिए शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने लिथियम, सोलर और ईवी जैसे उभरते क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में आवश्यक कौशल विकसित करने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को भी समय के साथ अपडेट करना होगा।
स्किल गैप रिपोर्ट युवाओं की आकांक्षाओं को देगी दिशा : गौरव गौतम
युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि स्किल गैप स्टडी प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं, प्रतिभा और भविष्य की दिशा को समझने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि जिला-वार रिपोर्ट युवाओं के कौशल विकास की योजनाएं तैयार करने में आधार का काम करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को एआई, रोबोटिक्स, सोलर सहित आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में आगे बढ़ाने तथा शिक्षा से रोजगार तक जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। रिपोर्ट में युवाओं की बदलती आकांक्षाओं की जानकारी भी सामने आई है। आगे अध्ययन का दायरा बढ़ाकर युवाओं और उद्योग जगत से लगातार संवाद किया जाएगा, ताकि उनकी जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किए जा सकें।
उद्योग, कौशल और रोजगार के बीच बनेगा बेहतर तालमेल
मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल मैनेजमेंट के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने कहा कि अध्ययन का उद्देश्य उद्योगों की जरूरत, युवाओं की आकांक्षाओं और प्रदेश में उपलब्ध तथा भविष्य में विकसित होने वाले रोजगार अवसरों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि किसी उद्योग के लिए निवेश के स्थान का चयन करते समय कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होती है। कार्यक्रम में सोहना विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल मैनेजमेंट के सलाहकार प्रो. आरएस राठौड़, हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन के प्रबंध निदेशक डॉ. राजेश गोयल, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कौशिक, सुपवा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अमित आर्य, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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