हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री एवं भाजपा नेता जेपी दलाल ने कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूचियों और चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया। दलाल ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को चुनाव में गड़बड़ी या मतदाता सूची को लेकर कोई ठोस शिकायत है तो उसे निर्धारित संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए। जेपी दलाल गुरुवार को भिवानी स्थित अपने आवास पर कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे थे। बैठक 4 अक्टूबर को बहल में प्रस्तावित भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता के अभिनंदन समारोह की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी। इस दौरान कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में दलाल ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों, चुनाव आयोग और EVM-बैलेट पेपर को लेकर चल रही बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
‘चुनाव में गड़बड़ी है तो ठोस आधार के साथ बात रखें’
वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे अभियान पर जेपी दलाल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर आरोप लगाने की बजाय यदि किसी विशेष मामले में आपत्ति है तो उसके तथ्य और दस्तावेज संबंधित संस्थाओं के सामने रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में मृत या अपात्र मतदाताओं के नामों को हटाना चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है और ऐसे मामलों में पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए निर्धारित दावा-आपत्ति प्रक्रिया भी होती है। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर 2026 की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से संबंधित जानकारी और मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई है। वेबसाइट के अनुसार ऐसे मतदाता, जिनके नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हैं और जिनकी Enumeration Form प्राप्त नहीं हुई है, उनके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा दाखिल करने का प्रावधान रखा गया है।
चुनाव आयोग पर सवालों को लेकर भी कांग्रेस को घेरा
जेपी दलाल ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की बयानबाजी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और किसी भी संस्था पर आरोप लगाने से पहले उसके समर्थन में ठोस तथ्य सामने रखे जाने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि यदि उसे चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची या चुनाव परिणाम को लेकर कोई गंभीर आपत्ति है तो वह उपलब्ध कानूनी और न्यायिक विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि, कांग्रेस द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोप और भाजपा नेताओं द्वारा उन आरोपों को खारिज करना दोनों ही राजनीतिक पक्षों के दावे हैं। इन्हें किसी स्वतंत्र न्यायिक या चुनावी निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
‘बूथ कैप्चरिंग का जमाना गया’
दलाल ने चुनावों में पहले सामने आने वाली बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर बदलाव हुए हैं। उनके मुताबिक अब मतदान और मतगणना की प्रक्रिया में कई स्तरों पर निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था मौजूद है। उन्होंने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उसे चुनावी व्यवस्था में किसी विशेष बदलाव की जरूरत महसूस होती है तो उसे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वह किस तरह की व्यवस्था चाहती है।
EVM और VVPAT को लेकर चुनाव आयोग की व्यवस्था
EVM को लेकर चुनाव आयोग की मौजूदा व्यवस्था में VVPAT महत्वपूर्ण हिस्सा है। निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रत्येक मतदाता VVPAT के जरिए यह देख सकता है कि उसके द्वारा चुने गए उम्मीदवार के नाम और चुनाव चिह्न वाली पर्ची कुछ सेकंड के लिए दिखाई देती है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र/सेगमेंट के पांच यादृच्छिक मतदान केंद्रों की VVPAT पर्चियों का इलेक्ट्रॉनिक वोटों से मिलान किया जाता है। आयोग के मुताबिक EVM की पहली और दूसरी रैंडमाइजेशन प्रक्रिया राजनीतिक दलों,उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होती है। मतदान से पहले मॉक पोल और अन्य जांच प्रक्रियाएं भी निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की जाती हैं। जेपी दलाल ने इसी व्यवस्था का हवाला देते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर सवाल उठाया और कहा कि मौजूदा दौर तकनीक का है तथा चुनावी प्रक्रिया में EVM के साथ VVPAT जैसी व्यवस्था मौजूद है।
बैलेट पेपर का इस्तेमाल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ
हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बैलेट पेपर का इस्तेमाल हर प्रकार के चुनाव में पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर 2026 में नगर निकाय चुनावों के लिए बैलेट पेपर की छपाई से संबंधित आदेश उपलब्ध हैं। आयोग के दस्तावेजों में पंचायत चुनावों के लिए पोस्टल बैलेट पेपर से जुड़े निर्देश भी अगस्त 2026 में जारी किए गए हैं। इसलिए EVM बनाम बैलेट पेपर की बहस को चुनाव के प्रकार और संबंधित चुनावी कानूनों एवं नियमों के संदर्भ में देखना जरूरी है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों की मतदान व्यवस्था तथा स्थानीय निकाय चुनावों की व्यवस्था एक जैसी नहीं होती।
‘कांग्रेस को तय करना चाहिए कि आखिर चाहती क्या है’
हरियाणा में कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए दलाल ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह चुनाव व्यवस्था में आखिर किस तरह का बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने की बजाय राजनीतिक दलों को निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के माध्यम से अपनी आपत्तियां उठानी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी राजनीतिक चर्चा जारी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा की वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित ड्राफ्ट रोल, ASDD सूची और दावे-आपत्तियों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।
अर्चना गुप्ता के अभिनंदन समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा
बैठक में 4 अक्टूबर को बहल में प्रस्तावित भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता के अभिनंदन समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। जेपी दलाल ने कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम की अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपीं और आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान संगठनात्मक तैयारियों के साथ-साथ प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। मीडिया से बातचीत में दलाल ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों, चुनाव आयोग पर सवालों तथा EVM-बैलेट पेपर की बहस पर भाजपा का पक्ष रखा।
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