विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मानसून टर्फ (कम दबाव के क्षेत्र की रेखा) पिछले एक सप्ताह से सामान्य से दक्षिण में राजस्थान पर बनी हुई थी। सोमवार को उसका पश्चिमी सिरा उत्तर की आगे बढ़ेगा। वह अपनी सामान्य स्थिति हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर आएगा।
अरब सागर से दक्षिण पश्चिमी नमीं वाली हवाएं आएंगी
इसके अलावा एक प्रति चक्रवात बना हुआ था, जो कमजोर होकर सोमवार को पश्चिम में पाकिस्तान की तरफ चला जाएगा और उसका प्रभाव खत्म हो जाएगा। इस वजह से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में पिछले एक सप्ताह से मानसून कमजोर पड़ गया था।
आने वाले दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में बंगाल की खाड़ी से दक्षिणी पूर्वी नमी वाली पूर्वी मानसून हवाएं आएंगी। साथ रविवार रात सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ से दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से अरब सागर से दक्षिण पश्चिमी नमीं वाली हवाएं आएंगी।
जुलाई के अन्तिम सप्ताह में हरियाणा पर मानसून मेहरबान बना रहेगा
इन सभी के असर से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर 22 से 26 जुलाई के दौरान मानसून गतिविधियों में तेजी आएगी। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ 24 जुलाई को सक्रिय होगा। 22 जुलाई को पहले हरियाणा के उत्तरी व पूर्वी और उसके बाद दक्षिणी हिस्सों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
फिर धीरे-धीरे 23 जुलाई को हरियाणा एनसीआर दिल्ली के अधिकतर स्थानों पर मानसून सक्रियता की गतिविधियों की संभावना बन रही है। जुलाई के अन्तिम सप्ताह में हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर मानसून मेहरबान बना रहेगा।
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