दूसरे राज्यों से हरियाणा में धान आने के मामले कई दिनों से सामने आ रहे हैं जिसके चलते किसान और किसान नेता इस मुद्दे पर सरकार और मंडी प्रशासन के ऊपर सवाल खड़े कर रहे हैं जिसको लेकर अब जिला प्रशासन ने भी बड़ा कदम उठाया है। पीआर धान की सरकारी खरीद में हुई बड़ी गड़बड़ी के बाद हरियाणा उत्तर प्रदेश सीमा पर नाकेबंदी कर दी गई। उत्तर प्रदेश ओर बिहार से धान लेकर आ रहे ट्रकों को वापस लौटाया जा रहा है। बोर्डर पर धान से भरे हजारों ट्रक लंबी लाइनों में खड़े है।
फर्जी गेटपास के जरिए सरकार को करोड़ों का चुना लगाया
करनाल अनाज मंडी में फर्जी गेटपास के जरिए सरकार को करोड़ों का चुना लगाया गया है। धान खरीद में हुई धांधली के बाद जिला प्रशासन नींद से जागा और यूपी सीमा पर नाकेबंदी कर दी। धान से भरे इन ट्रकों को चावल मिल मालिकों ने उत्तर प्रदेश ओर बिहार से मंगवाया है। हरियाणा उत्तर प्रदेश सीमा पर धान से भरे ट्रक लेकर पहुंचे चालकों से बातचीत की। ट्रक चालकों ने बताया कि वे बिहार ओर उत्तर प्रदेश से धान लेकर आए थे लेकिन अब उन्हें हरियाणा में एंट्री नहीं मिल रही।
मिल मालिकों ने फर्जी गेटपास हासिल किए और सस्ता धान बाहरी प्रदेशों से मंगवाया
सैकड़ों ट्रक बीते कई दिनों से बोर्डर पर खड़े है। ट्रक चालकों ने बताया कि चावल मिल मालिकों ने बिहार ओर उत्तर प्रदेश से पीआर धान मंगवाई थी अब उन्हें फोन करते है तो वे इंतजार करने के लिए बोलते है। बोर्डर पर खड़े धान के हजारों ट्रक हरियाणा की राइस मिलो में खाली होने थे। इससे साफ है कि मंडियों में हरियाणा के किसानों का धान खरीदने की बजाए मिल मालिकों ने फर्जी गेटपास हासिल किए और सस्ता धान बाहरी प्रदेशों से मंगवाया।
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