loader
The Haryana Story | हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: 1500+ प्राइवेट स्कूलों के MIS पोर्टल लॉक, अब नहीं होंगे नए दाखिले!

हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: 1500+ प्राइवेट स्कूलों के MIS पोर्टल लॉक, अब नहीं होंगे नए दाखिले!

RTE सीटों का ब्योरा न देना पड़ा महंगा: पानीपत, करनाल और फरीदाबाद के सबसे ज्यादा स्कूलों पर गिरी गाज

प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा के शिक्षा विभाग (मौलिक शिक्षा निदेशालय, पंचकूला) ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम और मान्यता नियमों के उल्लंघन पर 1,500 से अधिक प्राइवेट स्कूलों के MIS (Management Information System) पोर्टल बंद कर दिए हैं। पोर्टल बंद होने से ये स्कूल अब नए दाखिले या अन्य ऑनलाइन प्रशासनिक कार्य नहीं कर पाएंगे।

पोर्टल बंद करने के प्रमुख कारण

शिक्षा विभाग ने अलग-अलग कमियों के आधार पर इन स्कूलों पर कार्रवाई की है। लगभग 600 स्कूलों ने विभाग के पोर्टल पर 25% आरक्षित RTE सीटों की जानकारी साझा नहीं की। इनमें पानीपत, करनाल और फरीदाबाद जिलों के स्कूल सबसे अधिक संख्या में शामिल हैं। लगभग 450 स्कूलों ने पोर्टल पर जानकारी तो दी, लेकिन जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) द्वारा की गई जांच में उनके दस्तावेजों में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। 400 से अधिक अस्थाई और परमिशन प्राप्त स्कूलों के पोर्टल इसलिए बंद किए गए क्योंकि निदेशालय द्वारा उन्हें वर्तमान शैक्षणिक सत्र (2026-27) के लिए अस्थाई मान्यता (Temporary Recognition) प्रदान नहीं की गई है।

जुर्माने और सख्त कार्रवाई की तैयारी

विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। जिन स्कूलों ने RTE सीटों का डेटा अपलोड नहीं किया है या जिनके दस्तावेज अधूरे हैं, उन पर 30,000 रुपये से लेकर 70,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर खामियों को दूर नहीं किया गया और जुर्माना नहीं भरा गया, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता (Recognition) रद्द कर दी जाएगी।MIS पोर्टल बंद होने के कारण ये स्कूल नए रजिस्ट्रेशन और दाखिले नहीं कर सकेंगे।

वर्तमान स्थिति और आगामी कार्यक्रम

अभिभावकों के लिए Ujjwal Portal के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया 9 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026 तक निर्धारित है। लॉटरी का परिणाम और स्कूलों का आवंटन 20 अप्रैल 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद दाखिले की प्रक्रिया 21 से 30 अप्रैल तक चलेगी। इस कार्रवाई से हजारों छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में है क्योंकि पोर्टल बंद होने से न केवल दाखिले रुके हैं, बल्कि स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC) जैसे जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने में भी बाधा आ रही है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×