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The Haryana Story | हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी का नया दौर : HORC टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार

हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी का नया दौर : HORC टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार

हरियाणा के मुख्य सचिव एवं HRIDC के अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई निदेशक मंडल की 34वीं बैठक में प्रदेश की प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम (HRIDC) हरियाणा और NCR में रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रहा है। वर्तमान में (मार्च 2026), इसका सबसे प्रमुख लक्ष्य औद्योगिक विकास को गति देना और दिल्ली के रेल नेटवर्क पर दबाव कम करना है। 

हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC): यह 121.6 किमी लंबी विद्युतीकृत डबल ब्रॉड गेज लाइन है जो पलवल से सोनीपत को सोहना, मानेसर और खरखौदा के रास्ते जोड़ती है। इस कॉरिडोर के लिए अरावली पर्वत श्रृंखला के नीचे बनाई जा रही 7,070 मीटर लंबी सुरंग की खुदाई का लगभग 61% (4,349 मीटर) काम पूरा हो चुका है। मार्च 2026 में इस परियोजना की संशोधित लागत ₹11,709 करोड़ को मंजूरी दी गई है। यह लाइन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) और भारतीय रेलवे की मौजूदा लाइनों (जैसे दिल्ली-रेवाड़ी, दिल्ली-रोहतक) से जुड़ेगी।

कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक परियोजना: कुरुक्षेत्र में रेल ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए यह एलिवेटेड ट्रैक लगभग तैयार है और इसके अप्रैल 2026 में चालू होने की संभावना है। इसके सभी 21 स्पैन और ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। 

ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (EORC): यह प्रस्तावित कॉरिडोर सोनीपत से पलवल को बागपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के रास्ते जोड़ेगा। इसका फील्ड सर्वे और ड्रोन मैपिंग का काम पूरा हो चुका है। इन परियोजनाओं से मानेसर, सोहना और खरखौदा जैसे औद्योगिक हब को सीधा लाभ मिलेगा। यह प्रतिदिन लगभग 20,000 यात्रियों और सालाना 50 मिलियन टन माल ढुलाई की क्षमता विकसित करेगा।

रेल अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई

हरियाणा सरकार का कहना है कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक और प्रस्तावित ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर समेत एचआरआईडीसी की तमाम परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने, औद्योगिक विकास को गति देने और हरियाणा को देश के प्रमुख अवसंरचना केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगी। हरियाणा के मुख्य सचिव एवं एचआरआईडीसी के अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई निदेशक मंडल की 34वीं बैठक में प्रदेश की प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि मंत्रिमंडल द्वारा हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना की संशोधित लागत लगभग 11,709 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई है, जबकि पहले स्वीकृत लागत 5,618 करोड़ रुपये थी। यह कॉरिडोर खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

टनल एचओआरसी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा

साथ ही हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में नए टाउनशिप के विकास को भी गति देगा। यह परियोजना माल ढुलाई को तेज करने, परिवहन समय कम करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, परियोजना की 7,070 मीटर लंबी टनल में से 4,349 मीटर यानी लगभग 61 प्रतिशत खुदाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह कार्य न्यू आॅस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) के माध्यम से किया जा रहा है।

यह टनल एचओआरसी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी तेज प्रगति समयबद्ध कार्यान्वयन के प्रति एचआरआईडीसी की प्रतिबद्धता को दशार्ती है। परियोजना के लिए सभी प्रमुख पर्यावरण और वन स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई है, जिससे महत्वपूर्ण नियामकीय बाधाएं दूर हो गई हैं। चरण-1 के तहत वन स्वीकृति अक्टूबर 2025 में प्रदान की गई थी, जबकि गांव रोजका मेव में टनल एलाइनमेंट के लिए स्वीकृति 4 मार्च, 2026 को मिल चुकी है। इसके अलावा 20 मार्च, 2026 को अरावली स्वीकृति भी मिल गई है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है। 

अप्रैल 2026 में इसके चालू होने की संभावना

हितधारकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए एचआरआईडीसी ने पांच जिलों के भूमि मालिकों को कुल 2,273 करोड़ रुपये के मुआवजे में से 1,929 करोड़ रुपये, यानी लगभग 85 प्रतिशत राशि वितरित कर दी है। गुरुग्राम में 99 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है, जबकि नूंह में 94 प्रतिशत मुआवजा वितरित किया गया है। निजी भूमि के लिए 1,346 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जो कुल निजी भूमि मुआवजा राशि का 95 प्रतिशत है। कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक (केईटी) परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है और अप्रैल 2026 में इसके चालू होने की संभावना है। 

एलिवेटेड वायाडक्ट के सभी 21 स्पैन पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा सिविल, ट्रैक, सिग्नलिंग और ओवरहेड विद्युतीकरण से जुड़े कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं। परियोजना को जल्द ही रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नया थानेसर स्टेशन भी अंतिम चरण में है और 10 अप्रैल, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। बागपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के माध्यम से, सोनीपत से पलवल तक प्रस्तावित ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (ईओआरसी) परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

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